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प्रकृति ने धरती पर लाखों जीव बनाए हैं, लेकिन प्लैटिपस को देखकर ऐसा लगता है मानो किसी ने कई अलग-अलग जानवरों को जोड़कर एक नया जीव बना दिया हो। बतख जैसी चोंच, बीवर जैसी पूंछ, झिल्लीदार पैर और घना वाटरप्रूफ फर, इन सबके बावजूद यह एक स्तनधारी (Mammal) है। यही कारण है कि इसे दुनिया के सबसे अजीब जीवों में गिना जाता है। (Photo Source: Unsplash)
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अंडे देने वाला स्तनधारी
अधिकांश स्तनधारी बच्चे को जन्म देते हैं, लेकिन प्लैटिपस अंडे देता है। यह इसे एक दुर्लभ समूह मोनोट्रीम (Monotremes) में शामिल करता है। दुनिया में ऐसे बहुत कम स्तनधारी हैं जो अंडे देते हैं, और प्लैटिपस उनमें से एक है। (Photo Source: Unsplash) -
दूध तो बनता है, लेकिन निप्पल नहीं होते
प्लैटिपस अपने बच्चों को दूध पिलाता है, लेकिन इसके शरीर में निप्पल (स्तनाग्र) नहीं होते। मादा प्लैटिपस अपनी त्वचा के जरिए दूध निकलाती है, जिसे बच्चे चाटकर पीते हैं। यानी यह सचमुच ‘दूध पसीने की तरह’ बाहर निकालती है। (Photo Source: Freepik) -
नर प्लैटिपस है जहरीला
एक और चौंकाने वाली बात यह है कि नर प्लैटिपस के पिछले पैरों में जहरीले कांटे (Venomous Spurs) होते हैं। इन कांटों से निकलने वाला जहर इंसानों के लिए जानलेवा तो नहीं होता, लेकिन बेहद दर्दनाक हो सकता है। (Photo Source: Unsplash) -
बायोलॉजिकल रडार जैसी क्षमता
प्लैटिपस की चोंच में विशेष इलेक्ट्रोरिसेप्टर्स होते हैं। ये पानी में मौजूद छोटे जीवों द्वारा उत्पन्न इलेक्ट्रिकल सिग्नल को महसूस कर सकते हैं। इसका मतलब है कि प्लैटिपस पानी के भीतर बिना देखे भी शिकार का पता लगा सकता है। यह किसी जैविक रडार से कम नहीं है। (Photo Source: Freepik) -
चमकने की अनोखी क्षमता
वैज्ञानिकों ने पाया है कि प्लैटिपस की फर अल्ट्रावायलेट रोशनी में हल्की चमक (Glow) दिखाती है। इसे बायोफ्लोरेसेंस कहा जाता है। यह गुण अभी भी रिसर्च का विषय है। (Photo Source: Unsplash) -
पेट नहीं होता
प्लैटिपस के शरीर में सामान्य स्तनधारियों की तरह ‘पेट’ (Stomach) नहीं होता। इसका भोजन सीधे आंतों में चला जाता है। यह इसकी डाइजेस्टिव सिस्टम को और भी अनोखा बनाता है। (Photo Source: Unsplash) -
दांत नहीं, फिर भी खाता है
ऑस्ट्रेलियन प्लेटिपस कंजरवेंसी के अनुसार, प्लैटिपस के पास दांत नहीं होते। भोजन को पीसने के लिए यह छोटे-छोटे कंकड़ (Gravel) निगलता है, जो उसके मुंह के अंदर खाने को मसलने में मदद करते हैं। (Photo Source: Unsplash) -
क्यों है यह इतना खास?
प्लैटिपस विज्ञान के लिए एक पहेली जैसा है। इसमें सरीसृपों, पक्षियों और स्तनधारियों, तीनों के गुण मिलते हैं। इसी वजह से जब 18वीं सदी में इसका नमूना पहली बार वैज्ञानिकों के सामने आया, तो कई लोगों को लगा कि यह नकली है। आज प्लैटिपस केवल ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है और बायोडायवर्सिटी का एक अनमोल हिस्सा है। (Photo Source: Unsplash)
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