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समुद्र की गहराइयों में रहने वाला ऑक्टोपस जितना रहस्यमयी जीव है, उसकी मां बनने की कहानी उतनी ही दर्दनाक मानी जाती है। जानवरों की दुनिया में ऑक्टोपस का रिप्रोडक्टिव साइकिल सबसे दुखद और बलिदान से भरा माना जाता है। इसमें माता-पिता अपने बच्चों के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर देते हैं। (Photo Source: Pexels)
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मिलन के बाद खत्म होने लगती है नर ऑक्टोपस की जिंदगी
ऑक्टोपस के रिप्रोडक्शन की शुरुआत ही एक दर्दनाक अंत से होती है। मेटिंग के बाद नर ऑक्टोपस का दिमाग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देता है। वह दिशाहीन होकर समुद्र में भटकता रहता है और आखिरकार किसी शिकारी का शिकार बन जाता है। यानी वह कभी अपने बच्चों को देख भी नहीं पाता। (Photo Source: Pexels) -
मां ऑक्टोपस का महीनों लंबा त्याग
दूसरी ओर, मादा ऑक्टोपस समुद्र के भीतर किसी सुरक्षित गुफा में लगभग 500 या उससे ज्यादा अंडे देती है। इसके बाद वह उन अंडों को अकेला छोड़कर कहीं नहीं जाती। वह लगातार अपने टेंटेकल्स से अंडों पर साफ पानी डालती रहती है ताकि उन्हें ऑक्सीजन मिलती रहे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे समय वह कुछ भी नहीं खाती। कई महीनों तक भूखे रहकर सिर्फ अपने बच्चों की रक्षा करती है। (Photo Source: Pexels) -
शरीर खुद ही मौत की ओर बढ़ने लगता है
अंडों की देखभाल के दौरान मादा ऑक्टोपस के शरीर में एक प्राकृतिक प्रक्रिया शुरू होती है, जिसे ‘सेनेसेंस’ कहा जाता है। इस दौरान उसके शरीर में जरूरी हार्मोन बनने बंद हो जाते हैं। धीरे-धीरे उसका शरीर कमजोर होने लगता है। कई बार वह खुद को नुकसान तक पहुंचाने लगती है। भूख और कमजोरी के बावजूद वह अपने अंडों को छोड़कर नहीं जाती। (Photo Source: Unsplash) -
53 महीनों तक बच्चों की रखवाली
मोंटेरे बे एक्वेरियम रिसर्च इंस्टीट्यूट (MBARI) के वैज्ञानिकों के अनुसार, ‘ग्रैनेलेडोन बोरेओपैसिफिका’ नाम की एक ऑक्टोपस प्रजाति ने सबसे लंबा ब्रूडिंग रिकॉर्ड बनाया था। इस मादा ऑक्टोपस ने लगातार 53 महीनों यानी करीब 4.5 साल तक बिना कुछ खाए अपने अंडों की रक्षा की। यह पूरी पशु दुनिया में मां के सबसे बड़े बलिदानों में से एक माना जाता है। (Photo Source: Pexels) -
बच्चों के जन्म के साथ ही मां की मौत
सबसे भावुक पल तब आता है जब अंडों से छोटे-छोटे ऑक्टोपस बाहर निकलते हैं। जिस समय बच्चे पहली बार दुनिया देखते हैं, उसी समय उनकी मां मर चुकी होती है। इन नवजात बच्चों के पास न कोई सुरक्षा होती है, न ही कोई सहारा और न ही कोई देखभाल करने वाला। वे समुद्र की लहरों में बह जाते हैं, जहां हजारों में से केवल कुछ ही जीवित बच पाते हैं। (Photo Source: Pexels) -
प्रकृति का सबसे भावुक सच
ऑक्टोपस की यह कहानी दिखाती है कि प्रकृति जितनी खूबसूरत है, उतनी ही कठोर भी हो सकती है। एक पिता और मां अपने बच्चों के लिए अपनी पूरी जिंदगी कुर्बान कर देते हैं, लेकिन बदले में उसे अपने बच्चों को बढ़ते हुए देखने का मौका भी नहीं मिलता। यही वजह है कि ऑक्टोपस की प्रेग्नेंसी और मदरहुड को पशु जगत की सबसे दुखद कहानी माना जाता है। (Photo Source: Pexels)
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