-
दुनिया भर में पेरू का नाम सुनते ही लोगों के मन में माचू पिच्चू की तस्वीर उभर आती है, लेकिन इस दक्षिण अमेरिकी देश में एक और ऐसी जगह है जो किसी रंगीन पेंटिंग से कम नहीं लगती। पेरू के एंडीज पर्वतों में स्थित पाल्कोयो रेनबो माउंटेन (Palcoyo Rainbow Mountain) अपनी रंग-बिरंगी पहाड़ियों और अनोखे प्राकृतिक नजारों के लिए मशहूर है। (Photo Source: Pexels)
-
कहां स्थित है पाल्कोयो रेनबो माउंटेन?
पाल्कोयो, पेरू के कुस्को क्षेत्र में स्थित है और कुस्को शहर से लगभग 100 से 125 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में पड़ता है। यह पर्वत श्रृंखला विल्कानोता रेंज का हिस्सा है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से करीब 4,900 मीटर है, जबकि पास स्थित स्टोन फॉरेस्ट तक पहुंचने पर ऊंचाई 5,100 मीटर तक हो जाती है। (Photo Source: Pexels) -
कैसे बने पहाड़ों पर ये रंग?
पाल्कोयो के लाल, पीले, हरे, गुलाबी और सफेद रंग लाखों वर्षों की जियोलॉजिकल प्रोसेस का परिणाम हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, कभी यह इलाका समुद्र के नीचे था। टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल से एंडीज पर्वतों का निर्माण हुआ और खनिजों से भरपूर चट्टानें सतह पर आ गईं। (Photo Source: Pexels) -
समय के साथ ऑक्सीकरण और नेचुरल प्रोसेस के कारण अलग-अलग खनिजों ने अलग-अलग रंग धारण कर लिए। लौह ऑक्साइड (Iron Oxide) ने लाल रंग, सल्फर ने पीला, क्लोराइट ने हरा और क्वार्ट्ज व चूना पत्थर ने सफेद रंग प्रदान किया। (Photo Source: Pexels)
-
चट्टानों में छिपा है करोड़ों साल पुराना इतिहास
पाल्कोयो सिर्फ खूबसूरत ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। यहां की चट्टानों पर आज भी समुद्री लहरों द्वारा बने रिपल मार्क्स (Ripple Marks) देखे जा सकते हैं। ये निशान इस बात का प्रमाण हैं कि कभी यह पूरा इलाका समुद्र की तलहटी हुआ करता था। (Photo Source: Pexels) -
बारिश में लाल हो जाती है नदी
मानसून या बारिश के मौसम में पाल्कोयो का एक और अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। तेज बारिश के बाद पहाड़ों की लाल मिट्टी और लौह कण बहकर नदी में पहुंच जाते हैं, जिससे नदी का पानी गहरे लाल या टेराकोटा रंग का दिखाई देने लगता है। सूखे मौसम में नदी फिर से सामान्य हो जाती है। (Photo Source: Pexels) -
स्थानीय लोगों के लिए पवित्र है यह पर्वत
एंडीज क्षेत्र के स्थानीय समुदाय इन पहाड़ों को सिर्फ प्राकृतिक धरोहर नहीं, बल्कि पवित्र आत्माओं का निवास मानते हैं। उनकी मान्यता के अनुसार, ऊंचे पर्वत ‘अपुस’ कहलाते हैं, जो लोगों और प्रकृति की रक्षा करते हैं। यहां हर साल कॉयलूर रिति (Qoyllur Riti) नामक विशाल धार्मिक यात्रा भी आयोजित की जाती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। (Photo Source: Pexels) -
कैसे पहुंचें पाल्कोयो?
पाल्कोयो जाने के लिए सबसे पहले कुस्को पहुंचना होता है। यहां से कई ट्रैवल एजेंसियां एक दिवसीय टूर ऑपरेट करती हैं। ट्रेलहेड तक पहुंचने के बाद मुख्य व्यू प्वाइंट तक केवल 30 से 45 मिनट की आसान पैदल यात्रा करनी पड़ती है। (Photo Source: Pexels) -
यात्रा से पहले रखें इन बातों का ध्यान
यात्रा से पहले कुस्को में 1-2 दिन रुककर शरीर को ऊंचाई के अनुकूल बना लें, क्योंकि पल्कोयो रेनबो माउंटेन लगभग 5,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। पर्याप्त पानी पिएं और गर्म कपड़े साथ रखें। साफ मौसम और शानदार नजारों के लिए मई से सितंबर सबसे अच्छा समय है, जबकि बारिश के मौसम में यहां की हरियाली और लाल नदी का खूबसूरत दृश्य देखने को मिलता है। (Photo Source: Pexels)
(यह भी पढ़ें: जून-जुलाई में दोगुना हो जाएगा ट्रिप का मजा, भारत की ये 10 जगहें हैं बेस्ट)