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धरती के इतिहास में कई बार Mass Extinction यानी महाविनाश की घटनाएं हुईं, जिनमें जीवन की अधिकांश प्रजातियां खत्म हो गईं। उल्कापिंडों की टक्कर, बर्फीले युग, ज्वालामुखी विस्फोट और पर्यावरणीय बदलावों ने पूरे-के-पूरे इकोसिस्टम मिटा दिए। डायनासोर जैसे शक्तिशाली जीव भी इन घटनाओं से बच नहीं पाए। (Photo Source: Pexels)
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लेकिन कुछ जीव ऐसे भी हैं जिन्होंने इन सभी आपदाओं को झेलते हुए करोड़ों साल तक खुद को बचाए रखा। ये प्रजातियां इतनी अनोखी और अनुकूलित हैं कि प्रकृति को इन्हें बदलने की जरूरत ही नहीं पड़ी। इन्हें अक्सर ‘Living Fossils’ कहा जाता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ जीवों के बारे में जो धरती के सबसे पुराने जीवित प्राणियों में शामिल हैं। (Photo Source: Pexels)
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Nautilus (नॉटिलस)
नॉटिलस लगभग 50 करोड़ (500 मिलियन) साल से समुद्र में मौजूद है। इसकी सबसे खास पहचान इसका सुंदर सर्पिल (spiral) खोल है, जो गणितीय अनुपातों का पालन करता है। नॉटिलस अपने खोल के अंदर मौजूद गैस से भरे चैंबर्स की मदद से पानी में ऊपर-नीचे तैरने की क्षमता कंट्रोल करता है। डायनासोर से भी पहले से मौजूद यह जीव आज भी लगभग वैसा ही है, जैसा करोड़ों साल पहले था। इसलिए इसे भी “लिविंग फॉसिल” कहा जाता है। (Photo Source: Unsplash) -
Jellyfish (जेलीफिश)
जेलीफिश लगभग 50 करोड़ साल से पृथ्वी पर मौजूद हैं। इनका शरीर बेहद सरल होता है, इनके पास न दिमाग होता है, न हड्डियां और न ही दिल। कुछ जेलीफिश प्रजातियों में एक अनोखी क्षमता होती है, वे अपनी जीवन प्रक्रिया को फिर से शुरू (reset) कर सकती हैं। इस वजह से उन्हें कभी-कभी जैविक रूप से अमर (biologically immortal) भी कहा जाता है। इनका सरल शरीर और समुद्र में तैरने वाली जीवनशैली इन्हें बेहद टिकाऊ बनाती है। (Photo Source: Pexels) -
Horseshoe Crab (हॉर्सशू केकड़ा)
हॉर्सशू केकड़ा लगभग 45 करोड़ (450 मिलियन) साल से धरती पर मौजूद है। यह पेड़ों और डायनासोर दोनों से भी पुराना जीव है। इसका खून वैज्ञानिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके रक्त में मौजूद विशेष तत्व बैक्टीरिया के जहरीले टॉक्सिन को तुरंत पहचान लेते हैं। यही वजह है कि आज इसका उपयोग मानव वैक्सीन और दवाओं की सुरक्षा जांच में किया जाता है। इसका अजीब और एलियन जैसा रूप दरअसल इसकी प्राचीनता का प्रमाण है। (Photo Source: Pexels) -
Crocodilians (मगरमच्छ)
मगरमच्छ पृथ्वी पर लगभग 20 करोड़ (200 मिलियन) साल से मौजूद हैं। यानी ये डायनासोर के समय से लेकर आज तक जीवित हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत इनका बेहद ताकतवर जबड़ा है। मगरमच्छ की bite force लगभग 16,000 न्यूटन (करीब 3700 पाउंड) तक हो सकती है, जो जानवरों की दुनिया में सबसे शक्तिशाली काटने की ताकतों में से एक है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मगरमच्छ का शरीर लाखों साल से लगभग वैसा ही है, क्योंकि इसकी बनावट पहले से ही इतनी प्रभावी है कि प्रकृति को इसमें ज्यादा बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ी। (Photo Source: Pexels) -
Coelacanth (सीलाकैंथ मछली)
सीलाकैंथ को वैज्ञानिकों ने 6.5 करोड़ साल पहले विलुप्त मान लिया था, लेकिन 1938 में यह मछली फिर से जीवित पाई गई। इस खोज ने वैज्ञानिकों को चौंका दिया। इसकी खास बात इसके लोबदार पंख (lobed fins) हैं, जो शुरुआती जमीन पर चलने वाले जीवों के अंगों से मिलते-जुलते माने जाते हैं। यह मछली गहरे समुद्र में रहती है और इसका मेटाबॉलिज्म बहुत धीमा होता है, जिसके कारण यह लाखों साल तक लगभग बिना बदलाव के जीवित रही। (Photo Source: Unsplash)
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