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दुनियाभर में आतंकवाद के प्रभाव को मापने वाली रिपोर्ट ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) 2026 जारी कर दी गई है। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित संगठन इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) की इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में वैश्विक स्तर पर आतंकवादी हमलों, मौतों और घायलों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट बताती है कि 81 देशों ने अपने आतंकवाद संबंधी स्कोर में सुधार किया, जो GTI के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा वार्षिक सुधार है। हालांकि, कुछ देश अब भी आतंकवाद की गंभीर चुनौती का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान पहली बार दुनिया का सबसे अधिक आतंकवाद प्रभावित देश बनकर उभरा है। आइए जानते हैं उन 10 देशों के बारे में जो 2026 के ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में सबसे अधिक प्रभावित रहे। (Photo Source: Pexels)
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पाकिस्तान (GTI स्कोर: 8.574)
पाकिस्तान पहली बार सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंचा है। अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ती हिंसा और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठनों की गतिविधियों ने देश की सुरक्षा स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया। रिपोर्ट के अनुसार देश में 1,000 से अधिक आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गईं। (Photo Source: Pexels) -
बुर्किना फासो (GTI स्कोर: 8.324)
पिछले वर्षों में शीर्ष स्थान पर रहने वाला बुर्किना फासो इस बार दूसरे स्थान पर है। हालांकि आतंकवाद से होने वाली मौतों में 45 प्रतिशत की कमी आई, फिर भी जिहादी समूहों द्वारा किए जा रहे घातक हमले देश के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। (Photo Source: Pexels) -
नाइजर (GTI स्कोर: 7.816)
साहेल क्षेत्र के अस्थिर त्रि-सीमा इलाके में स्थित नाइजर लगातार आतंकवादी घुसपैठ और उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों से जूझ रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय जिहादी नेटवर्क देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। (Photo Source: Pexels) -
नाइजीरिया (GTI स्कोर: 7.792)
नाइजीरिया में आतंकवाद से होने वाली मौतों में 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसका प्रमुख कारण इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (ISWAP) और बोको हराम जैसे संगठनों की बढ़ती गतिविधियां हैं। (Photo Source: Pexels) -
माली (GTI स्कोर: 7.586)
माली में लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता और कमजोर प्रशासनिक व्यवस्था का फायदा उठाकर आतंकवादी संगठन लगातार हमले कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों और सुरक्षा बलों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। (Photo Source: Pexels) -
सीरिया (GTI स्कोर: 7.545)
सीरिया में वर्ष 2025 के दौरान इस्लामिक स्टेट (ISIS) के हमलों की संख्या सबसे अधिक रही। गृहयुद्ध, राजनीतिक अस्थिरता और विभिन्न गुटों के बीच संघर्ष ने आतंकवादी संगठनों को सक्रिय रहने का अवसर दिया है। (Photo Source: Pexels) -
सोमालिया (GTI स्कोर: 7.391)
सोमालिया में अल-शबाब अब भी सबसे बड़ा आतंकी खतरा बना हुआ है। संगठन आत्मघाती हमलों और घात लगाकर किए जाने वाले हमलों के जरिए सरकारी संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय शांति बलों को निशाना बनाता है। (Photo Source: Pexels) -
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (GTI स्कोर: 7.171)
कांगो में आतंकवाद से संबंधित मौतों में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस्लामिक स्टेट से जुड़े एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज (ADF) ने पूर्वी क्षेत्रों में गांवों, चर्चों और अस्पतालों पर हमले किए। (Photo Source: Pexels) -
कोलंबिया (GTI स्कोर: 7.116)
करीब एक दशक बाद कोलंबिया फिर से शीर्ष 10 देशों की सूची में शामिल हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार आतंकवाद से होने वाली मौतों में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके पीछे FARC के असंतुष्ट गुटों और ELN की गतिविधियां प्रमुख कारण हैं। (Photo Source: Pexels) -
इजरायल (GTI स्कोर: 6.790)
इजरायल इस सूची में 10वें स्थान पर है। क्षेत्रीय संघर्ष, सीमा पार हिंसा और विभिन्न उग्रवादी संगठनों से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों ने देश को आतंकवाद से प्रभावित देशों में शामिल रखा है। (Photo Source: Pexels) -
भारत की स्थिति क्या है?
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 के अनुसार भारत दो स्थान ऊपर चढ़कर 13वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत का GTI स्कोर 6.428 रहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2025 में दुनिया भर में आतंकवाद से होने वाली कुल मौतों में भारत की हिस्सेदारी केवल 2 प्रतिशत रही, जो वैश्विक स्तर पर अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति को दर्शाती है। (Photo Source: Pexels)
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