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आज स्मार्टफोन सिर्फ कॉल करने या मैसेज भेजने का माध्यम नहीं रह गया है। यह आपकी रूटीन, आदतों, पसंद-नापसंद और यहां तक कि आपके बिहेवियरल पैटर्न तक को रिकॉर्ड करता है। कई बार सोशल मीडिया पर ऐसे दावे भी किए जाते हैं कि ‘फोन सब कुछ सुन रहा है’ या ‘डेटा कभी डिलीट नहीं होता’। आइए जानते हैं कि सच क्या है और एक्सपर्ट इंस्टीट्यूट्स की रिपोर्ट क्या कहती हैं। (Photo Source: Pexels)
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आपकी लोकेशन (Location Data)
आपका फोन GPS, Wi-Fi और मोबाइल टावर के माध्यम से आपकी लोकेशन का अनुमान लगा सकता है। MIT Technology Review के अनुसार, स्मार्टफोन और ऐप्स उपयोगकर्ता की लोकेशन का उपयोग नेविगेशन, मौसम अपडेट और लोकल सेवाएं देने के लिए करते हैं। यदि आपने लोकेशन परमिशन दी है, तो ऐप्स आपके मूवमेंट का इतिहास भी स्टोर कर सकते हैं। Privacy International की रिपोर्ट बताती है कि कई ऐप्स लोकेशन डेटा को विज्ञापन कंपनियों के साथ शेयर करते हैं, जिससे आपको टारगेटेड विज्ञापन दिखाए जा सकें। (Photo Source: Pexels) -
आपकी ऑनलाइन गतिविधियां (Browsing और App Usage)
आप किन वेबसाइट्स पर जाते हैं, कौन-से ऐप्स खोलते हैं, कितना समय बिताते हैं, ये जानकारी ऐप डेवलपर्स और ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा एकत्र की जा सकती है। Electronic Frontier Foundation के अनुसार, यह डेटा मुख्य रूप से ऐप सुधार, सुरक्षा और पर्सनलाइजेशन के लिए उपयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए, YouTube आपके देखने के इतिहास के आधार पर वीडियो सुझाव देता है। (Photo Source: Pexels) -
माइक्रोफोन और कैमरा एक्सेस (Microphone and Camera)
ऐप्स माइक्रोफोन और कैमरा का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपकी अनुमति आवश्यक होती है। Stanford Internet Observatory के अनुसार, आधुनिक ऑपरेटिंग सिस्टम (Android और iOS) माइक्रोफोन या कैमरा उपयोग होने पर स्क्रीन पर संकेत (indicator) दिखाते हैं। बिना अनुमति के लगातार सुनना या रिकॉर्ड करना सामान्य सुरक्षा नियमों के खिलाफ है। हालांकि, आपने जिन ऐप्स को अनुमति दी है, वे उस अनुमति के दायरे में डेटा उपयोग कर सकते हैं। (Photo Source: Pexels) -
आपके व्यवहार और पैटर्न (Behavioral Data)
आपका फोन सेंसर (accelerometer, gyroscope) के माध्यम से आपकी गतिविधि जैसे चलना, दौड़ना या फोन पकड़ने का तरीका पहचान सकता है। MIT Technology Review के अनुसार, इस तरह का डेटा मुख्य रूप से फिटनेस ट्रैकिंग और सुरक्षा (जैसे फोन unlock detection) के लिए उपयोग किया जाता है। यह टेक्नोलॉजी यूजर एक्सपीरियंस बेहतर करने के लिए होती है, न कि हमेशा पहचान या निगरानी के लिए। (Photo Source: Pexels) -
आपके संपर्क और सामाजिक नेटवर्क (Contacts और Social Connections)
यदि आपने किसी ऐप को कांटेक्ट एक्सेस दिया है, तो वह आपके संपर्कों की जानकारी प्राप्त कर सकता है। The Guardian की एक इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनियां इस डेटा का उपयोग लोगों के नेटवर्क और सुझाव (friend recommendations) देने के लिए करती हैं। इसे ‘शैडो प्रोफाइल’ कहा जाता है, जहां कंपनियां उन लोगों के बारे में भी अनुमान लगा सकती हैं जो सीधे उनके प्लेटफॉर्म पर नहीं हैं। (Photo Source: Pexels) -
डिवाइस और तकनीकी जानकारी (Device Information)
आपका फोन डिवाइस मॉडल, ऑपरेटिंग सिस्टम वर्जन, बैटरी लेवल, आईपी एड्रेस, एडवरटाइजिंग आईडी जैसी जानकारी भी शेयर कर सकता है। Electronic Frontier Foundation के अनुसार, यह डेटा सुरक्षा, बग फिक्स और विज्ञापन के लिए उपयोग होता है। (Photo Source: Pexels) -
आपका डेटा डिलीट होने के बाद क्या होता है?
जब आप डेटा डिलीट करते हैं, तो वह आपके फोन से हट जाता है, लेकिन सर्वर बैकअप में कुछ समय तक रह सकता है। Privacy International के अनुसार, कंपनियों की डाटा रिटेंशन पॉलिसी अलग-अलग होती है। कुछ डेटा तुरंत हट जाता है, जबकि कुछ लीगल या टेक्निकल कारणों से सीमित समय तक सुरक्षित रहता है। (Photo Source: Pexels) -
क्या फोन हर समय आपकी जासूसी करता है?
आपका फोन कुछ डेटा एकत्र करता है। यह डेटा आपके अनुभव को बेहतर बनाने और विज्ञापन के लिए उपयोग हो सकता है। यह सब आमतौर पर आपकी अनुमति (permissions) पर आधारित होता है। (Photo Source: Pexels) -
अपनी प्राइवेसी कैसे सुरक्षित रखें
ऐप परमिशन नियमित रूप से जांचें, लोकेशन एक्सेस केवल जरूरी ऐप्स को दें, एडवरटाइजिंग आईडी रीसेट करें, Unknown एप्स इंस्टॉल न करें, सॉफ्टवेयर अपडेट रखें, और प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर ट्रेकिंग बंद करें। (Photo Source: Pexels)
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