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भारत में ड्राई फ्रूट्स की व्यापक रूप से खपत होती है। देश में कई राज्य ऐसे हैं जहां पर अखरोट, बादाम, पिस्ता और काजू के अलावा कई ड्राई फ्रूट्स की खेती होती है। (Photo Source: Pexels)
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हालांकि, इसके बाद भी कुल खपत के लिए भारत को दूसरे देशों से भी ड्राई फ्रूट्स आयात करना पड़ता है। आइए जानते हैं देश में कहां-कहां ड्राई फ्रूट्स की खेती होती है। (Photo Source: Pexels)
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अखरोट
भारत में अखरोट की खेती के लिए जम्मू-कश्मीर सबसे प्रमुख क्षेत्र है। यहां पर पूरे देश में सबसे अधिक अखरोट का उत्पादन होता है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और मठिपुर में भी अखरोट का उत्पादन होता है। यहां अखरोट की अलग-अलग किस्में भी पाई जाती हैं। (Photo Source: Pexels) -
बादाम
बादाम के उत्पादन के मामले में भी जम्मू कश्मीर टॉप पर है। जम्मू कश्मीर के अलावा गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी बादाम की खेती होती है। कश्मीर के बडगाम, श्रीनगर, पुलवामा, अनंतनाग, गांदरबल और बारामूला जैसे क्षेत्रों में बादाम की खेती होती है। (Photo Source: Pexels) -
काजू
काजू का सेवन भी लगभग हर भारतीय घर में किया जाता है। इसे भी भारत के प्रमुख व्यावसायिक मेवों में गिना जाता है। इसकी खेती मुख्य रूप से महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और गेवा समेत कई राज्यों में होती है। (Photo Source: Pexels) -
पिस्ता
पिस्ता का उत्पादन भारत में बहुत सीमित है। जम्मू-कश्मीर में पिस्ता की खेती की जाती है, लेकिन देश में बाजार में बिकने वाला अधिकांश पिस्ता घरेलू उत्पादन के बजाए आयात पर निर्भर है। (Photo Source: Pexels) -
चिलगोजा
चिलगोजा की गिनती भी प्रमुख मेवों में की जाती है। इसका उत्पादन मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जैसे हिमालयी क्षेत्रों में होता है। यह ऊंचाई वाले, ठंडे और शुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है। (Photo Source: Pexels)