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धरती पर मौजूद कीड़ों को हम अक्सर मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन विज्ञान बताता है कि इन छोटे जीवों में ऐसी अद्भुत क्षमताएं होती हैं, जिनकी तुलना में इंसानों की ताकत और तकनीक भी सीमित लगती है। करोड़ों सालों के विकास (Evolution) ने इन्हें ऐसे ‘नेचुरल सुपरपावर’ दिए हैं, जिन्हें देखकर वैज्ञानिक भी हैरान रह जाते हैं। आइए जानते हैं ऐसे कुछ कीड़ों के बारे में, जिनकी क्षमताएं किसी साइंस-फिक्शन कहानी से कम नहीं हैं। (Photo Source: Unsplash)
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Bombardier Beetle
बॉम्बार्डियर बीटल अपने शरीर में हाइड्रोक्विनोन और हाइड्रोजन पेरॉक्साइड जैसे केमिकल्स को अलग-अलग स्टोर रखता है। खतरा महसूस होते ही ये केमिकल एक रिएक्शन चैंबर में मिलते हैं और लगभग 100°C तापमान का विस्फोटक स्प्रे बाहर निकलता है। Massachusetts Institute of Technology (MIT) के रिसर्च में इस स्प्रे के पल्स्ड (धड़कन जैसे) एमिशन की मैकेनिक्स को समझाया गया है, जिससे पता चलता है कि यह पूरी तरह कंट्रोल्ड केमिकल रिएक्शन है, न कि साधारण विस्फोट। (Photo Source: Pixabay) -
Hercules Beetle
हरक्यूलिस बीटल को दुनिया के सबसे ताकतवर कीड़ों में गिना जाता है। इसे अपने वजन से सैकड़ों गुना ज्यादा भार उठाने वाला बताया जाता है। छोटे आकार के कारण इनके मसल रेश्यो (muscle-to-body ratio) इन्हें असाधारण रूप से मजबूत बनाते हैं। इस विषय पर इन्सेक्ट बायोमैकेनिक्स से जुड़े कई रिसर्च प्रकाशित हुए हैं। (Photo Source: Pexels) -
Froghopper
फ्रॉगहॉपर को धरती का सबसे शक्तिशाली जंपर माना जाता है। University of Cambridge के वैज्ञानिक मैलकम बरोजं (Malcolm Burrows) द्वारा किए गए रिसर्च के अनुसार, यह कीड़ा अपने शरीर की लंबाई से लगभग 100 गुना ऊंची छलांग लगा सकता है और अत्यधिक त्वरण सह सकता है। यह छलांग उसकी टांगों में स्टोर इलास्टिक एनर्जी की वजह से संभव होती है। (Photo Source: Pixabay) -
Japanese Honeybee
जापानी हनीबी विशाल एशियाई हॉर्नेट से बचाव के लिए कलेक्टिव हीट बॉल बनाती हैं। 2007 में वैज्ञानिक Alexandros Papachristoforou और उनकी टीम द्वारा प्रकाशित रिसर्च (मैगज़ीन Current Biology) के अनुसार, मधुमक्खियां वाइब्रेशन करके लगभग 46–47°C तापमान उत्पन्न करती हैं, जिससे हॉर्नेट मर जाता है, जबकि मधुमक्खियां इस तापमान को सहन कर लेती हैं। (Photo Source: Pexels) -
Cockroach
कॉकरोच कई दिनों तक बिना सिर के जीवित रह सकता है क्योंकि उसकी रेस्पिरेटरी सिस्टम शरीर के छोटे पोर्स (spiracles) पर बेस्ड होती है। Scientific American में प्रकाशित आर्टिकल्स के अनुसार, सिर कटने के बाद आखिर में उसकी मृत्यु भूख या डिहाइड्रेशन से होती है। रेडिएशन टॉलरेंस के मामले में भी यह इंसानों से ज्यादा सक्षम है। (Photo Source: Unsplash) -
Dragonfly
Harvard University और Howard Hughes Medical Institute (HHMI) से जुड़े रिसर्चर्स द्वारा किए गए अध्ययनों में पाया गया कि ड्रैगनफ्लाई अपनी उड़ान के दौरान शिकार की दिशा का अनुमान लगाकर ‘इंटरसेप्शन स्ट्रैटेजी’ अपनाती है। कुछ अध्ययनों के अनुसार इसकी हंटिंग सक्सेस रेट 90% से अधिक हो सकती है, जो बड़े स्तनधारी शिकारी जीवों से कहीं ज्यादा है। (Photo Source: Pexels) -
40 करोड़ साल की विकास यात्रा
वैज्ञानिक मानते हैं कि इंसेक्ट किंगडम लगभग 400 मिलियन वर्ष पुराना है। इस लंबे विकासक्रम (Evolution) ने उन्हें ऐसे बायोलॉजिकल सिस्टम दिए हैं, जिन्हें आज रोबोटिक्स, एयरोडायनामिक्स और बायो-इंस्पायर्ड इंजीनियरिंग में अध्ययन किया जा रहा है। (Photo Source: Pexels)
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