-
आंध्र प्रदेश अब भारत का पहला AI-पावर्ड पर्यटन राज्य बनने की दिशा में बड़ा कदम उठा चुका है। राज्य सरकार ने ट्रैवल टेक्नोलॉजी कंपनी ‘एक्सप्लर्जर’ के साथ तीन साल का रणनीतिक समझौता (MoU) किया है, जिसके तहत राज्य के 100 से अधिक प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थलों पर NiVU AI (Neural Intelligence Vernacular Unified Model) प्लेटफॉर्म लागू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को उनकी पसंदीदा भाषा में स्मार्ट और इंटरैक्टिव जानकारी उपलब्ध कराना है। इसी के साथ आइए जानते हैं आंध्र प्रदेश के 5 ऐसे खूबसूरत पर्यटन स्थल, जो अभी भी कई यात्रियों की नजरों से दूर हैं। (Photo Source: Pexels)
-
आंध्र प्रदेश बनेगा भारत का पहला AI-पावर्ड पर्यटन राज्य
पर्यटन मंत्री कंदुला दुर्गेश ने इस पहल की घोषणा करते हुए बताया कि पहले चरण में एक साल के भीतर राज्य के 30 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर NiVU AI सेवा शुरू की जाएगी। अगले तीन वर्षों में इसे 100 से अधिक स्थानों तक विस्तारित किया जाएगा। इस परियोजना को राज्य के ‘स्वर्ण आंध्र विजन-2047’ का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। (Photo Source: Pexels) -
बिना ऐप डाउनलोड किए मिलेगी 130 से ज्यादा भाषाओं में जानकारी
पर्यटक किसी भी पर्यटन स्थल पर लगाए गए QR कोड को स्कैन करके AI गाइड से जुड़ सकेंगे। यह सुविधा 130 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध होगी और इसके लिए किसी मोबाइल ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। (Photo Source: Pexels) -
AI गाइड के जरिए पर्यटक किसी मंदिर, किले, बीच या ऐतिहासिक स्मारक के इतिहास, सांस्कृतिक महत्व, धार्मिक परंपराओं और आसपास घूमने लायक जगहों की जानकारी टेक्स्ट या वॉयस के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। (Photo Source: Pexels)
-
सफल रहा पायलट प्रोजेक्ट
राज्य सरकार ने पहले मंगलागिरि स्थित श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर और श्री पनाकाला लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में इस तकनीक का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी पसंदीदा भाषा में मंदिर का इतिहास और धार्मिक परंपराओं की जानकारी हासिल की, जिसके बाद इस परियोजना को पूरे राज्य में लागू करने का फैसला लिया गया। (Photo Source: Pexels) -
पर्यटन को मिलेगा स्मार्ट एनालिटिक्स का फायदा
NiVU AI केवल पर्यटकों की मदद ही नहीं करेगा, बल्कि पर्यटन विभाग को पर्यटकों की भाषा, पसंद और यात्रा व्यवहार से जुड़े रियल-टाइम डेटा भी उपलब्ध कराएगा। इससे पर्यटन स्थलों के बेहतर प्रबंधन और भविष्य की योजनाओं को तैयार करने में मदद मिलेगी। (Photo Source: Pexels) -
आंध्र प्रदेश के 5 छिपे हुए खूबसूरत पर्यटन स्थल
गंडिकोटा
‘भारत का ग्रैंड कैन्यन’ कहलाने वाला गंडिकोटा अपनी विशाल चट्टानों, पेन्नार नदी की गहरी घाटियों और ऐतिहासिक किले के लिए प्रसिद्ध है। यहां का सनसेट व्यू और शांत वातावरण प्रकृति प्रेमियों को बेहद आकर्षित करता है। (Photo Source: Pexels) -
लंबासिंगी
आंध्र प्रदेश का ‘कश्मीर’ कहलाने वाला लंबासिंगी अपनी ठंडी जलवायु, धुंध से ढकी सुबहों, कॉफी बागानों और हरियाली के लिए जाना जाता है। गर्मियों में भी यहां का मौसम काफी सुहावना रहता है। (Photo Source: Pexels) -
बेलम गुफाएं
बेलम गुफाएं भारत की दूसरी सबसे लंबी प्राकृतिक गुफाएं हैं, जो पर्यटकों के लिए खुली हैं। यहां की चूना पत्थर से बनी प्राकृतिक संरचनाएं, सुरंगें और बड़ा सा अंडरग्राउंड चेंबर रोमांचक अनुभव प्रदान करते हैं। (Photo Source: Pexels) -
मारेदुमिल्ली
पूर्वी घाट की गोद में बसा मारेदुमिल्ली घने जंगलों, झरनों, इको-टूरिज्म ट्रेल्स और आदिवासी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। प्रकृति और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए यह बेहतरीन जगह है। (Photo Source: Pexels) -
तलकोना वॉटरफॉल
श्री वेंकटेश्वर राष्ट्रीय उद्यान के भीतर स्थित तलकोना वॉटरफॉल आंध्र प्रदेश का सबसे ऊंचा झरना माना जाता है। घने जंगल, ट्रैकिंग ट्रेल्स और प्राकृतिक सुंदरता इसे परिवार और ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए आकर्षक बनाते हैं। (Photo Source: Pexels) -
AI और पर्यटन का नया संगम
आंध्र प्रदेश की यह पहल भारत में पर्यटन के भविष्य की नई तस्वीर पेश करती है। AI तकनीक की मदद से पर्यटक अब भाषा की बाधा के बिना किसी भी पर्यटन स्थल की पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, राज्य के कम प्रसिद्ध लेकिन बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थलों को भी वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है। अगर आप अपनी अगली यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आंध्र प्रदेश के ये अनदेखे डेस्टिनेशन और नई AI सुविधा आपके ट्रैवल अनुभव को और भी खास बना सकते हैं। (Photo Source: Pexels)