-
आज की वैश्विक व्यवस्था केवल सीमाओं और राजनीति से नहीं, बल्कि सेक्टर-डॉमिनेंस से चलती है। कुछ देश ऐसे हैं जो अपने क्षेत्र में सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं करते, बल्कि पूरी दुनिया पर प्रभाव डालते हैं। इन देशों की भूमिका इतनी अहम है कि अगर इनमें से कोई एक भी सिस्टम से बाहर हो जाए, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। आइए जानते हैं कौन-सा देश किस सेक्टर का असली बॉस है-
(Photo Source: Pexels) -
अमेरिका
दुनिया में हथियारों और रक्षा उपकरणों के निर्यात में अमेरिका सबसे आगे है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के अनुसार, वैश्विक हथियार निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है। F-35 फाइटर जेट, पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और अत्याधुनिक मिलिट्री टेक्नोलॉजी में अमेरिका का दबदबा साफ दिखाई देता है। (Photo Source: Pexels) -
चीन
चीन को ‘World’s Factory’ कहा जाना यूं ही नहीं है। विश्व बैंक के अनुसार, वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन में चीन की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है। मोबाइल फोन, कपड़े, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान, दुनिया की बड़ी आबादी चीन में बने उत्पादों का इस्तेमाल करती है। (Photo Source: Pexels) -
जापान
जहां माइक्रोन स्तर की सटीकता की बात आती है, वहां जापान का कोई मुकाबला नहीं। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री एसोसिएशन के अनुसार, सेमीकंडक्टर उपकरण, कैमरा सेंसर और इंडस्ट्रियल रोबोट्स के क्षेत्र में जापान की भूमिका बेहद मजबूत है। हाई-प्रिसीजन टेक्नोलॉजी में जापान आज भी दुनिया का मानक माना जाता है। (Photo Source: Pexels) -
साउथ कोरिया
Samsung और SK Hynix जैसी कंपनियों ने साउथ कोरिया को टेक्नोलॉजी की ताकत बना दिया है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री एसोसिएशन के अनुसार, दुनिया के लगभग 70 प्रतिशत मेमोरी चिप्स साउथ कोरिया से आते हैं। आज दुनिया का डिजिटल डेटा कोरियन सिलिकॉन पर ही टिका है। (Photo Source: Pexels) -
भारत
भारत आज वैश्विक IT इंडस्ट्री की रीढ़ बन चुका है। नासकॉम (NASSCOM) के अनुसार, वैश्विक IT आउटसोर्सिंग में भारत की हिस्सेदारी लगभग 75 प्रतिशत है। बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहर Fortune 500 कंपनियों के लिए प्रमुख टेक हब बन चुके हैं। (Photo Source: Pexels) -
जर्मनी
Mercedes, BMW, Volkswagen और Porsche जैसी ब्रांड्स जर्मनी की पहचान हैं। जर्मन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री एसोसिएशन के अनुसार, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रियल मशीनरी में जर्मनी वैश्विक मानक तय करता है। कहा जाता है- जर्मनी ऐसी मशीनें बनाता है जो मशीनें बनाती हैं। (Photo Source: Pexels) -
सऊदी अरब
तेल और ऊर्जा निर्यात में सऊदी अरब का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। Saudi Aramco के अनुसार, कंपनी दुनिया की सबसे मूल्यवान ऊर्जा कंपनियों में शामिल है। जब सऊदी अरब उत्पादन या कीमतों में बदलाव करता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर उसका सीधा असर दिखता है। (Photo Source: Pexels) -
स्विट्जरलैंड
बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट में स्विट्ज़रलैंड का नाम सबसे ऊपर है। स्विस बैंकिंग एसोसिएशन के अनुसार, स्विस बैंकों में लगभग 7.9 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति मैनेज की जाती है। दुनिया के अरबपति अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए स्विट्ज़रलैंड को सबसे सुरक्षित मानते हैं। (Photo Source: Pexels) -
पाकिस्तान
पाकिस्तान वैश्विक टेक्सटाइल इंडस्ट्री में अहम भूमिका निभाता है। पाकिस्तान टेक्सटाइल काउंसिल के अनुसार, पाकिस्तान दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कॉटन उत्पादक है। डेनिम, बेडशीट और टॉवेल जैसे उत्पादों के एक्सपोर्ट में पाकिस्तान की मजबूत पकड़ है। (Photo Source: Pexels) -
रूस
प्राकृतिक गैस और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में रूस का प्रभाव बेहद गहरा है। Gazprom के अनुसार, रूस की गैस पाइपलाइन्स कई महाद्वीपों तक फैली हैं। सर्दियों में यूरोप की ऊर्जा आपूर्ति काफी हद तक रूस पर निर्भर रहती है। (Photo Source: Pexels)
(यह भी पढ़ें: डिज्नी फिल्मों की ये जगहें रियल लाइफ में हैं मौजूद, आप भी विजिट कर सकते हैं ये लोकेशन्स)