-
रंगों का त्योहार होली सिर्फ गुलाल और मस्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वाद और परंपराओं का भी उत्सव है। इस दिन घरों में तरह-तरह के पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं, जिनकी खुशबू से ही त्योहार का एहसास होने लगता है। अगर आप भी इस होली कुछ खास और पारंपरिक स्वाद चखना चाहते हैं, तो ये 10 डिशेज जरूर ट्राई करें। (Photo Source: Pexels)
-
गुझिया (Gujiya)
होली का नाम आते ही सबसे पहले गुझिया याद आती है। मैदा से बनी इस मीठी पकवान में खोया, नारियल और ड्राई फ्रूट्स की स्टफिंग भरी जाती है। इसे घी में तलकर चाशनी में डुबोया जाता है। बिना गुजिया के होली अधूरी मानी जाती है। (Photo Source: Pexels) -
मालपुआ (Malpua)
मैदा, दूध और सूजी के घोल से बनने वाला मालपुआ घी में तला जाता है और फिर चाशनी में डाला जाता है। कई जगह इसे रबड़ी के साथ भी परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद दोगुना हो जाता है। (Photo Source: Pexels) -
ठंडाई (Thandai)
होली पर ठंडाई पीने की परंपरा काफी पुरानी है। दूध, सूखे मेवे, सौंफ, काली मिर्च और गुलाब की पंखुड़ियों से बनी ठंडाई शरीर को ठंडक देती है और त्योहार की मस्ती बढ़ाती है। (Photo Source: Unsplash) -
दही वड़ा (Dahi Vada)
उड़द दाल के वड़ों को दही में भिगोकर, ऊपर से इमली और हरी चटनी डालकर परोसा जाता है। मसालों और अनार के दानों से सजाकर यह डिश होली के स्वाद को खास बना देती है। (Photo Source: Freepik) -
कटहल की सब्जी (Kathal Ki Sabzi)
कई घरों में होली पर कटहल की मसालेदार सब्जी बनाई जाती है। इसे पूड़ी या पराठे के साथ परोसा जाता है। इसका मसालेदार स्वाद त्योहार की थाली को खास बना देता है। (Photo Source: Freepik) -
गुलगुले (Gulgule)
आटे और गुड़ से बने छोटे-छोटे मीठे पकौड़े, जिन्हें गुलगुले कहा जाता है, होली पर खास तौर पर बनाए जाते हैं। ये बाहर से कुरकुरे और अंदर से मुलायम होते हैं। (Photo Source: Freepik) -
मठरी (Mathri)
मैदा और अजवाइन से बनी कुरकुरी मठरी चाय के साथ परफेक्ट स्नैक है। होली पर मेहमानों को परोसने के लिए इसे पहले से बनाकर रखा जाता है। (Photo Source: Freepik) -
पूरन पोली (Puran Poli)
महाराष्ट्र और गुजरात में होली पर पूरन पोली खास तौर पर बनाई जाती है। चने की दाल और गुड़ की मीठी स्टफिंग से बनी यह रोटी घी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है। (Photo Source: Freepik) -
कांजी के वड़े (Kanji Ke Vade)
राजस्थान और उत्तर भारत में होली के दौरान कांजी के वड़े खूब पसंद किए जाते हैं। खट्टे-तीखे पानी में डूबे मूंग दाल के वड़े पाचन के लिए भी अच्छे माने जाते हैं। (Photo Source: Freepik) -
कलाकंद (Kalakand)
दूध से बना मुलायम और दानेदार कलाकंद मिठाई की थाली की शान बढ़ा देता है। इसका हल्का मीठा स्वाद हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। (Photo Source: Unsplash)
(यह भी पढ़ें: स्किन-फ्रेंडली होली के लिए घर पर बनाएं केमिकल-फ्री रंग और गुलाल, जानें बनाने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका)