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मानसून का मौसम आते ही भारत के जंगल, घास के मैदान और पहाड़ी इलाके हरियाली से भर जाते हैं। इसी समय राष्ट्रीय पक्षी भारतीय मोर (Indian Peacock) का प्रजनन काल भी शुरू होता है। बारिश की फुहारों के बीच नर मोर अपने रंग-बिरंगे पंख फैलाकर आकर्षक नृत्य करते हैं, जो प्रकृति के सबसे मनमोहक दृश्यों में से एक माना जाता है। अगर आप बर्ड वॉचिंग, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी या प्रकृति प्रेमी हैं, तो ये जगहें मानसून में मोरों को देखने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। (Photo Source: Pexels)
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बांकापुरा पार्क सैंक्चुअरी, कर्नाटक
हावेरी से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित यह अभयारण्य पूरी तरह मोरों के संरक्षण के लिए जाना जाता है। एक प्राचीन किले के अवशेषों के बीच बसे इस क्षेत्र में 1,000 से अधिक मोर रहते हैं। मानसून में हरियाली और ऐतिहासिक खंडहरों के बीच मोरों का दृश्य फोटोग्राफरों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होता। (Photo Source: Pexels) -
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड
मानसून के दौरान जिम कॉर्बेट का जंगल हरे-भरे प्राकृतिक सौंदर्य से भर जाता है। हालांकि बारिश में मुख्य सफारी जोन बंद रहते हैं, लेकिन झिरना और सीताबनी जैसे बफर जोन खुले रहते हैं। यहां मोर बारिश के बीच पंख फैलाकर नृत्य करते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। इसके अलावा तोते, उल्लू और कई अन्य पक्षियों को देखने का भी शानदार अवसर मिलता है। (Photo Source: Pexels) -
मोराची चिंचोली, महाराष्ट्र
पुणे से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित मोराची चिंचोली को ‘मोरों का गांव’ भी कहा जाता है। यहां 2,000 से अधिक मोर खुले वातावरण में विचरण करते हैं। स्थानीय लोग इनकी सुरक्षा और संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। बारिश के मौसम में खेतों और आम के बागों में नाचते मोरों का नजारा पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। (Photo Source: Pexels) -
रणथंभौर नेशनल पार्क, राजस्थान
मानसून के दौरान रणथंभौर के मुख्य सफारी क्षेत्र बंद रहते हैं, लेकिन कुछ बफर जोन पर्यटकों के लिए खुले रहते हैं। बारिश से धुले जंगल, घने पेड़ और बादलों से घिरा आसमान मोरों के नृत्य को और भी आकर्षक बना देते हैं। यह समय वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के लिए भी बेहद खास माना जाता है। (Photo Source: Pexels) -
सरिस्का टाइगर रिजर्व, राजस्थान
राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व मानसून में हरियाली से भर उठता है। अन्य कई राष्ट्रीय उद्यानों के विपरीत यह रिजर्व बारिश के दौरान आंशिक रूप से खुला रहता है। अरावली की पहाड़ियों के बीच मोरों को खुले जंगल में पंख फैलाकर नाचते देखना एक यादगार अनुभव होता है। (Photo Source: Pexels) -
विरालीमलाई पीकॉक सैंक्चुअरी, तमिलनाडु
तिरुचिरापल्ली (त्रिची) से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित विरालीमलाई एक छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत स्थान है। यहां मोर खुलेआम घूमते हैं और प्रसिद्ध सुब्रमण्य मंदिर के आसपास भी आसानी से दिखाई देते हैं। मानसून में हरी-भरी पहाड़ियों के बीच यह जगह प्रकृति प्रेमियों और पक्षी प्रेमियों के लिए आदर्श बन जाती है। (Photo Source: Pexels) -
मानसून में क्यों खास होता है मोरों का नृत्य?
मानसून भारतीय मोरों का प्रजनन काल होता है। इस दौरान नर मोर अपनी रंगीन पूंछ फैलाकर मादा मोर को आकर्षित करने के लिए विशेष नृत्य करते हैं। बारिश की बूंदों, ठंडी हवाओं और हरे-भरे वातावरण के बीच यह दृश्य प्रकृति की सबसे खूबसूरत झलकियों में गिना जाता है। (Photo Source: Pexels) -
यात्रा के दौरान रखें ये बातें ध्यान
वन विभाग के सभी नियमों का पालन करें। मोरों या अन्य वन्यजीवों को भोजन न दें और उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। तेज आवाज या फ्लैश फोटोग्राफी से बचें। बारिश के मौसम में फिसलन और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें। दूरबीन और कैमरा साथ रखें ताकि पक्षियों को बिना परेशान किए करीब से देख सकें। (Photo Source: Pexels)
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