-
बलूचिस्तान में बीएलए के लड़ाके इस वक्त पाकिस्तानी सेना पर कहर बनकर टूट रहे हैं। बीएलए के लड़ाकों के सामने पाकिस्तान आर्मी बेबस नजर आ रही है। पाकिस्तान में बलूच लड़ाकों ने कई जगहों पर हमला किया है। (Photo: Freepik)
-
बलूचिस्तान पर चीन की बुरी नजर है। इसकी वजह है वहां पर पाए जाने वाले रेयर अर्थ मिनरल्स। यहां पर सोना, चांदी, तांबा, तेल और महत्वपूर्ण रेयर अर्थ मिनरल्स का भंडार दबा हुआ है। अमेरिका भी यहां पर निवेश करना चाहता है। लेकिन चीन पहले से भी भारी-भरकम निवेश कर चुका है। इसका लगातार बलूच विरोध भी कर रहे हैं जो अब तेज हो गया है। (Photo: Freepik)
-
सोना, चांदी, तांबा, तेल और महत्वपूर्ण रेयर अर्थ मिनरल्स के अलावा पाकिस्तान के लिए बलूचिस्तान कई और जरूरत की चीजों में अहम भूमिका निभाता है। (Photo: Unsplash)
-
बलूचिस्तान को ही ‘फ्रूट बास्केट ऑफ पाकिस्तान’ कहा जाता है। यहां पर कई फलों की खेती व्यापक रूप से होती है (Photo: Pexels)
-
बलूचिस्तान अंगूर, चेरी, बादाम, आड़ू, अनार, खुबानी, सेब और खजूर जैसे फलों का उत्पादन होता है। पूरे पाकिस्तान में सबसे अधिक इन फलों का उत्पादन यही प्रांत करता है। (Photo: Pexels)
-
सबसे अधिक फलों के उत्पादन की बात करें तो बलूचिस्तान में अंगूर, चेरी और बादाम सबसे अधिक होते हैं। (Photo: Unsplash)
-
पूरे पाकिस्तान में चेरी, बादाम और अंगूर की होने वाली खेती का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा बलूचिस्तान कवर करता है। (Photo: Pexels)
-
इसके अलावा पाकिस्तान में जो अनार और खुबानी की खेती होती है उसका 60 फीसदी हिस्सा बलूचिस्तान से होता है। (Photo: Pexels)
-
सेब में भी बलूचिस्तान काफी आगे है। पाकिस्तान में सेब की होने वाली खपत का 34 फीसदी उत्पादन बलूचिस्तान करता है। (Photo: Pexels)
-
बलूचिस्तान की उपजाऊ मिट्टी में खजूर की भी खेती व्यापक रूप से होती है। पाकिस्तान में होने वाले खजूर का लगभग 70 फीसदी हिस्से का उत्पादन इसी प्रांत से होता है। (Photo: Pexels)
-
सब्जी और फसलों में भी आगे बचूलिस्तान न सिर्फ फलों बल्कि सब्जियों- प्याज, टमाटर, फूलगोभी और आलू की खेती में भी काफी आगे है। इसके अलावा इस प्रांत में गेंहू और चावल की भी खेती खूब होती है। (Photo: Pexels) धुरंधर में जिस कराची के ल्यारी मोहल्ले का जिक्र है उसका नाम कैसे पड़ा, क्या है इसका मतलब