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बलूचिस्तान इन दिनों काफी चर्चा में हैं। दरअसल, यहां के स्थानीय लोग पाकिस्तान की फौज से इतना ज्यादा पीड़ित हैं कि अब उन्होंने हथियार उठा लिया है। भारत से अलग होने के बाद से ही पाकिस्तान ने बलूचों पर जुर्म ढाना शुरू कर दिया था। लेकिन कब तक कोई जुर्म सहेगा। एक समय के बात तो आवाज उठेगी ही। बलूचिस्तान में भी वही हो रहा है। जुर्म सहते-सहते आज हाल यह है कि बलूचिस्तान के लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए खुद हथियार उठा लिया है। (Photo Source: Gwadar/FB)
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पाकिस्तान आर्मी और बलूच लड़ाकों में आए दिन संघर्ष होते रहे हैं। बलूच पर पाकिस्तान फौज की प्रताड़ना की खबरें, फोटो और वीडियो समय-समय पर आती रहती है। पाकिस्तान को बलूचिस्तान के लोगों से कोई हमदर्दी नहीं है। सिर्फ वहां की जमीन से उसे मतलब है। बलूचिस्तान की धरती में ऐसे जवाहरात दबे हैं जिन्हें पाने के लिए विदेशी प्रतिस्पर्धा भी बढ़ने लगी है। (Photo Source: Gwadar/FB)
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पाकिस्तान में अगर सबसे अधिक कहीं पर रेयर अर्थ मिनरल्स है तो वह है बलूचिस्तान। दुनिया में पाए जाने वाले 17 महत्वपूर्ण खनिजों में से करीब 12 रेयर अर्थ मिनरल्स बलूचिस्तान में पाए जाते हैं। यही वजह है कि चीन के साथ अमेरिका की भी इसपर पैनी जैसी नजर है। (Photo Source: Gwadar/FB)
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इस आधुनिक दौर में इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा, आधुनिक हथियार, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष तकनीक के लिए ये दुर्लभ खनिज रीढ़ हैं। (Photo Source: Visit balochistan/FB)
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चीन की CPEC, ग्वादर और सैंडक-रेको दिक जैसी परियोजनाएं इसी बलूचिस्तान की हिस्सा हैं। आइए जानते हैं बलूचिस्तान में कौन-कौन से रेयर अर्थ मिनरल्स पाए जाते हैं: (Photo Source: Gwadar/FB) धुरंधर में जिस कराची के ल्यारी मोहल्ले का जिक्र है उसका नाम कैसे पड़ा, क्या है इसका मतलब
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भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण पाकिस्तान के महानिदेशक द्वारा साल 2017 में एक रिपोर्ट जारी किया गया था जिसमें बताया गया था कि 2007 से 2008 के बीच बलूचिस्तान की धरती से कई खनिजों निकाले गए है। (Photo Source: Gwadar/FB)
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बलूचिस्तान के प्रमुख खनिज भंडार
बलूचिस्तान प्रांत में, लौह अयस्क, तांबा, सोना, चांदी, सीसा और जस्ता, बैराइट, क्रोमाइट, जिप्सम, चूना पत्थर और संगमरमर, सिलिका रेत, एंटीमनी, एस्बेस्टस, सिलेस्टाइट, फ्लोराइट और मैग्नेसाइट जैसे खनिज पाए जाते हैं। (Photo Source: Gwadar/FB) -
साल 2007-08 में बलूचिस्तान की धरती से निकाले गए इतने खनिज
बलूचिस्तान में तांबा 36,583 टन, एंटीमनी: 245 टन, बैराइट: 49,268 टन, बेसाल्ट: 331 टन, क्रोमाइट: 33,815 टन, कोयला: 23,25,220 टन, ग्रेनाइट: 291 टन, रियोलाइट: 259 टन, डायोराइट: 134 टन, गैब्रो: 183 टन, सर्पेन्टिनाइट: 2,431 टन, ग्नाइस: 98 टन निकाला गया। (Photo Source: Gwadar/FB) -
इसके अलावा क्वार्टजाइट: 323 टन, सल्फर: 360 टन, डोलोमाइट: 176 टन, फ्लोराइट: 424 टन, गैलेना: 75 टन, लौह अयस्क (आयरन ओर): 15,808 टन, चूना पत्थर (लाइमस्टोन): 7,27,951 टन, संगमरमर (ओनिक्स): 70,740 टन, संगमरमर (साधारण): 2,67,312 टन, मैग्नेसाइट: 790 टन, मैंगनीज: 1,385 टन निकाला गया। ये साल 2007-2008 की रिपोर्ट है। (Photo Source: Gwadar/FB)
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रेयर अर्थ मिनरल्स
बलूचिस्तान में लिथियम, कोबाल्ट, निकल, एंटीमनी, बास्टनेसाइट ,क्रोमाइट, बेराइट, फ्लोराइट और मोनाजाइट जैसे रेयर अर्थ मिनरल्स के विशाल भंडार पाए जाते हैं। (Photo Source: Gwadar/FB) -
पाकिस्तान का रिमोट चीन के पास है। दरअसल, कर्ज और इंवेस्टमेंट के नाम पर पाकिस्तान में चीन की सैन्य रणनीति पर फोकस है और ड्रैगन वही कर भी रहा है। आने वाले समय में पाकिस्तान के प्रमुख बंदरगाहों और कुछ इलाकों पर चीन का कब्जा देखने को मिल सकता है। चीन के लिए सबसे अहम बलूचिस्तान प्रांत है क्योंकि, यह खनिजों से भरी हुई धरती है। अब इस पर अमेरिका ने भी दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है। (Photo Source: Visit balochistan/FB) पाकिस्तान का ‘फ्रूट बास्केट’ क्यों कहलाता है बलूचिस्तान, कौन से फल होते हैं यहां