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भारत में होली रंग, उत्साह और उमंग का त्योहार माना जाता है। लेकिन हर जगह इसकी तस्वीर एक जैसी नहीं है। कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहां लोगों ने परंपरा, आस्था, इतिहास या सांस्कृतिक पहचान को रंगों की धूमधाम से ऊपर रखा है। आइए जानते हैं भारत की उन 7 जगहों के बारे में जहां होली नहीं मनाई जाती। (Photo Source: Pexels)
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अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के आदिवासी क्षेत्र
यहां के जनजातीय समुदाय, जैसे जरावा, ओंगे और सेंटिनली, की परंपराएं मुख्य भूमि से अलग विकसित हुई हैं। उनकी सांस्कृतिक विरासत हजारों साल पुरानी है और होली उनके पारंपरिक उत्सवों का हिस्सा नहीं रही। (Photo Source: Pexels) -
दुर्गापुर गांव, झारखंड
कहा जाता है कि यहां एक राजा के पुत्र की मृत्यु होली के दिन हुई थी। शोक में डूबे राजा ने आदेश दिया कि गांव में कभी होली नहीं मनाई जाएगी। तब से यह परंपरा चली आ रही है और लोग आज भी होली से दूर रहते हैं। (Photo Source: Facebook) -
क्विली और कुर्जन, उत्तराखंड
यहां के लोग देवी त्रिपुरा सुंदरी में गहरी आस्था रखते हैं। मान्यता है कि देवी को शोर-शराबा पसंद नहीं है और पहले होली के दौरान हुई कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को देवी के क्रोध से जोड़ा गया। इसके बाद से यहां होली नहीं मनाई जाती। (Photo Source: Uttarakhand Tourism) -
लक्षद्वीप
यहां की आबादी का बड़ा हिस्सा मुस्लिम समुदाय से है। इसलिए साल भर के प्रमुख त्योहार इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मनाए जाते हैं, जैसे ईद। होली यहां सामुदायिक परंपरा के रूप में विकसित नहीं हो सकी। (Photo Source: Unsplash) -
पुडुचेरी
पुडुचेरी की सांस्कृतिक विरासत पर फ्रांसीसी प्रभाव और तमिल परंपराओं की गहरी छाप है। यहां के त्योहारों का कैलेंडर अलग है, और होली कभी मुख्य उत्सव का हिस्सा नहीं रही। इसलिए यहां यह त्योहार व्यापक रूप से नहीं मनाया जाता। (Photo Source: Pexels) -
पुलिकट झील के आसपास के समुदाय
इन क्षेत्रों में ‘मासी मगम’ जैसे धार्मिक पर्व अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं, जिनमें मंदिरों की शोभायात्रा और समुद्र से जुड़े अनुष्ठान होते हैं। होली यहां पारंपरिक त्योहारों की लिस्ट में शामिल नहीं हो पाई। (Photo Source: Pexels) -
रामसन गांव, गुजरात
स्थानीय मान्यता के अनुसार, कभी यहां के राजा ने संतों का अपमान किया था। क्रोधित संतों ने गांव को श्राप दिया, जिसके बाद से यहां होली मनाना बंद कर दिया गया। ग्रामीण आज भी इस परंपरा का पालन करते हैं और रंगों से दूरी बनाए रखते हैं। (Photo Source: India Rail Info)
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