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भारत सिर्फ अपनी संस्कृति, इतिहास और विविधता के लिए ही नहीं, बल्कि रहस्यों से भरी अनोखी जगहों के लिए भी जाना जाता है। कहीं सड़कें गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देती दिखती हैं, तो कहीं पत्थर संगीत बजाते हैं। आइए जानते हैं देश के ऐसे ही अद्भुत और रहस्यमयी स्थानों के बारे में। (Photo Source: Unsplash)
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भानगढ़ किला (राजस्थान)
इसे भारत की सबसे डरावनी और भूतिया जगह कहा जाता है। मान्यता है कि यहां एक श्राप के कारण रात में अजीब घटनाएं होती हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने सूर्यास्त के बाद यहां प्रवेश पर रोक लगा रखी है। दिन में यह किला इतिहास और खंडहरों की खूबसूरती दिखाता है, लेकिन रात का सन्नाटा इसे रहस्यमय बना देता है। (Photo Source: Unsplash) -
लेपाक्षी मंदिर का हैंगिंग पिलर (आंध्र प्रदेश)
लेपाक्षी मंदिर में मौजूद एक विशाल पत्थर का स्तंभ जमीन को छुए बिना लटका हुआ प्रतीत होता है। इसके नीचे से कपड़ा या कागज आसानी से निकाला जा सकता है। माना जाता है कि यह विजयनगर काल की अद्भुत वास्तुकला का उदाहरण है। आज भी इंजीनियर और वैज्ञानिक इसकी संरचना देखकर हैरान रह जाते हैं। (Photo Source: Andhra Pradesh Tourism/Facebook) -
जटिंगा (असम)
असम के इस छोटे से गांव में हर साल मानसून के दौरान एक अजीब घटना होती है। रात के समय पक्षी रोशनी की ओर आकर्षित होकर पेड़ों और इमारतों से टकरा जाते हैं। इसे ‘बर्ड मिस्ट्री’ कहा जाता है। वैज्ञानिक इसे मौसम, धुंध और प्रकाश के संयोजन से जुड़ा व्यवहार मानते हैं, लेकिन यह घटना आज भी लोगों को रहस्यमय लगती है। (Express photo for representation) -
मैग्नेटिक हिल (लद्दाख)
यहां एक ऐसी सड़क है जहां गाड़ियां खुद-ब-खुद ऊपर की ओर चलती हुई दिखाई देती हैं। पहली नजर में यह जादू जैसा लगता है, लेकिन वैज्ञानिक इसे ‘ऑप्टिकल इल्यूजन’ यानी दृष्टिभ्रम बताते हैं। आसपास की पहाड़ियों की बनावट के कारण सड़क ढलान पर होते हुए भी चढ़ाई जैसी प्रतीत होती है। (Photo Source: lehladakhtourism) -
हम्पी के म्यूजिकल पिलर्स (कर्नाटक)
हम्पी के विट्ठल मंदिर में पत्थरों के ऐसे स्तंभ हैं जिन्हें हल्के से थपथपाने पर अलग-अलग संगीत ध्वनियां निकलती हैं। कहा जाता है कि अंग्रेजों ने इनके अंदर का राज जानने के लिए इन्हें काटा, लेकिन अंदर केवल ठोस पत्थर ही मिला। यह भारतीय शिल्पकला और ध्वनि विज्ञान का अनोखा मेल है। (Photo Source: Pexels) -
शनि शिंगणापुर (महाराष्ट्र)
यह गांव ‘डोरलेस विलेज’ के नाम से मशहूर है। यहां अधिकांश घरों में दरवाजे और ताले नहीं हैं। लोगों का विश्वास है कि भगवान शनि उनकी रक्षा करते हैं, इसलिए चोरी या अपराध नहीं होता। आस्था और सोशल ट्रस्ट का यह अनोखा उदाहरण दुनियाभर के लोगों को आकर्षित करता है। (Photo Source: shanidev.com) -
कोडिन्ही (केरल)
केरल का यह गांव ‘ट्विन विलेज’ के नाम से प्रसिद्ध है। यहां सैकड़ों जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ है। वैज्ञानिकों ने इस पर कई अध्ययन किए, लेकिन इतनी अधिक संख्या में जुड़वां जन्म होने का सटीक कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। यह गांव मेडिकल रिसर्च का विषय बना हुआ है। (Photo Source: Nischay Koushal/Facebook)
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