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भारत में मानसून का इंतजार हर साल बेसब्री से किया जाता है, लेकिन देश के कुछ हिस्से ऐसे भी हैं जहां बारिश बेहद कम होती है। ये इलाके शुष्कऔर अर्ध-शुष्क जलवायु वाले हैं, जहां सालभर सूखा मौसम और कम वर्षा देखने को मिलती है। इसके बावजूद ये स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर, रेगिस्तानी नजारों और अनोखी संस्कृति के कारण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। आइए जानते हैं भारत की उन 10 जगहों के बारे में, जहां हर साल सबसे कम बारिश होती है। (Photo Source: Pexels)
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बाड़मेर, राजस्थान
भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित बाड़मेर में हर साल लगभग 270 मिमी वर्षा दर्ज की जाती है। यह इलाका अपनी पारंपरिक हस्तशिल्प कला, लोक संगीत, रंगीन परिधानों और विशाल रेगिस्तानी विस्तार के लिए प्रसिद्ध है। (Photo Source: Pexels) -
भुज, गुजरात
कच्छ का प्रमुख शहर भुज सालाना लगभग 350 से 400 मिमी बारिश प्राप्त करता है। यह शहर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महलों, मंदिरों और विश्वप्रसिद्ध कच्छ हैंडीक्राफ्ट्स के लिए जाना जाता है। (Photo Source: Pexels) -
बीकानेर, राजस्थान
बीकानेर में गर्म रेगिस्तानी जलवायु पाई जाती है और यहां सालाना लगभग 250 से 300 मिमी बारिश होती है। जूनागढ़ किला, ऊंट अनुसंधान केंद्र, प्रसिद्ध भुजिया और रंग-बिरंगे मरु उत्सव इस शहर की खास पहचान हैं। (Photo Source: Pexels) -
हनुमानगढ़, राजस्थान
उत्तरी राजस्थान में स्थित हनुमानगढ़ में सालाना लगभग 250 से 300 मिमी वर्षा होती है। यहां की खेती मुख्य रूप से इंदिरा गांधी नहर परियोजना पर निर्भर करती है, क्योंकि प्राकृतिक वर्षा बहुत कम होती है। (Photo Source: Pexels) -
जैसलमेर, राजस्थान
राजस्थान का ‘गोल्डन सिटी’ कहलाने वाला जैसलमेर थार मरुस्थल के बीच स्थित है। यहां हर साल केवल 150 से 170 मिमी के आसपास वर्षा होती है। जैसलमेर का सोनार किला, विशाल रेत के टीले, ऊंट सफारी और लोक संस्कृति इसे पर्यटकों की पहली पसंद बनाते हैं। (Photo Source: Pexels) -
जोधपुर, राजस्थान
‘ब्लू सिटी’ के नाम से मशहूर जोधपुर में हर साल लगभग 350 से 400 मिमी वर्षा होती है। कम बारिश के बावजूद मेहरानगढ़ किला, नीले रंग से रंगे पुराने मकान और राजस्थानी संस्कृति इसे देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं। (Photo Source: Pexels) -
कच्छ, गुजरात
गुजरात का कच्छ क्षेत्र, विशेष रूप से ग्रेट रण ऑफ कच्छ, हर साल लगभग 300 से 350 मिमी वर्षा प्राप्त करता है। सफेद नमक का विशाल रेगिस्तान और रण उत्सव (Rann Utsav) इसे भारत के सबसे अनोखे पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं। (Photo Source: Pexels) -
लेह,लद्दाख
लेह, लद्दाख भारत के सबसे शुष्क क्षेत्रों में गिना जाता है। हिमालय की ऊंचे माउंटेन रेंजेसके कारण यह रेन शैडो क्षेत्र में आता है, जिससे यहां सालाना केवल लगभग 100 मिमी बारिश होती है। बारिश कम होने के बावजूद यहां के बर्फीले पहाड़, नीली झीलें, बौद्ध मठ और रोमांचक सड़क यात्राएं इसे दुनिया के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल करती हैं। (Photo Source: Pexels) -
फलोदी, राजस्थान
फलोदी को भारत के सबसे गर्म शहरों में से एक माना जाता है। यहां सालाना केवल 250 मिमी के आसपास बारिश होती है। यह शहर थार मरुस्थल का प्रवेश द्वार माना जाता है और सर्दियों में यहां के आसपास के जलाशयों में प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। (Photo Source: Pexels) -
स्पीति घाटी, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी भी वर्षा-छाया क्षेत्र में स्थित है। यहां सालाना केवल 150 से 200 मिमी वर्षा होती है। बंजर पहाड़, प्राचीन बौद्ध मठ, शांत गांव और अद्भुत प्राकृतिक दृश्य इसे भारत के सबसे खूबसूरत कोल्ड डेजर्ट क्षेत्रों में शामिल करते हैं। (Photo Source: Pexels)
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