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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद सियासी माहौल गरम है। तृणमूल कांग्रेस की हार के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है और चुनाव परिणामों पर सवाल उठाए हैं। वहीं बीजेपी ने इसे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि अगर कोई मुख्यमंत्री हार के बाद भी पद नहीं छोड़ता, तो क्या होता है? और राज्यपाल की क्या भूमिका होती है? (Express Photo)
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कौन हैं पश्चिम बंगाल के राज्यपाल?
इस समय पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि हैं। उन्होंने 12 मार्च 2026 को पद की शपथ ली थी और उन्होंने सी. वी. आनंद बोस की जगह ली, जिन्होंने अचानक इस्तीफा दे दिया था। राज्यपाल का पद भारतीय संघीय ढांचे में बेहद महत्वपूर्ण होता है, खासकर तब जब किसी राज्य में राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति बनती है। (Express Photo) -
क्या मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर सकते हैं राज्यपाल?
भारतीय संविधान के अनुसार, राज्यपाल के पास कुछ विशेष परिस्थितियों में मुख्यमंत्री को पद से हटाने का अधिकार होता है। अनुच्छेद 164 कहता है कि मुख्यमंत्री ‘राज्यपाल के प्रसादपर्यंत’ पद पर रहते हैं यानी उनकी इच्छा तक पद पर रहते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि राज्यपाल मनमर्जी से मुख्यमंत्री को हटा सकते हैं, बल्कि यह पूरी प्रक्रिया विधानसभा में बहुमत पर निर्भर करती है। (Express Photo) -
यदि कोई मुख्यमंत्री बहुमत खो देता है या चुनाव हार जाता है, तो उसका पद पर बने रहना संवैधानिक रूप से उचित नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में राज्यपाल मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांग सकते हैं या उन्हें सदन में बहुमत साबित करने के लिए कह सकते हैं। (Express Photo)
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अगर मुख्यमंत्री इस्तीफा न दे तो क्या होगा?
अगर मुख्यमंत्री इस्तीफा देने से इनकार कर देते हैं, तो राज्यपाल उन्हें फ्लोर टेस्ट के लिए कह सकते हैं, बहुमत साबित न कर पाने पर उन्हें पद से हटाया जा सकता है। विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। अगर स्पष्ट हो जाए कि सरकार के पास बहुमत नहीं है, तो राज्यपाल मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर सकते हैं। (Express Photo) -
क्या कार्यकाल खत्म होने पर पद भी खत्म हो जाता है?
अनुच्छेद 172 के अनुसार विधानसभा का कार्यकाल अधिकतम 5 साल होता है, लेकिन कार्यकाल खत्म होने के साथ ही मुख्यमंत्री का पद स्वतः समाप्त नहीं होता। नई सरकार बनने तक मुख्यमंत्री केयरटेकर के रूप में काम कर सकता है। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। (ANI Photo) -
आगे क्या होगा?
ममता बनर्जी का इस्तीफा न देने का फैसला राजनीतिक रूप से बड़ा बयान जरूर है, लेकिन व्यावहारिक रूप से इसका असर सीमित रहेगा। अगर तृणमूल कांग्रेस के पास बहुमत नहीं है, तो सरकार जारी नहीं रह सकती। राज्यपाल बहुमत दल (जैसे बीजेपी) को सरकार बनाने का न्योता देंगे। ऐसे में ममता बनर्जी का इस्तीफा न देना सिर्फ प्रतीकात्मक कदम माना जाएगा और सत्ता हस्तांतरण पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। (Express Photo)
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