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समाजवादी पार्टी (SP) के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन की खबर ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों में शोक की लहर पैदा कर दी है। (Photo Source: @iamprateekyadav/Instagram)
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38 वर्षीय प्रतीक यादव ने बुधवार सुबह लखनऊ में अंतिम सांस ली। हालांकि वह देश के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवारों में से एक से ताल्लुक रखते थे, लेकिन उन्होंने हमेशा सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी। (Photo Source: @iamprateekyadav/Instagram)
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प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। वह समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे। राजनीतिक विरासत होने के बावजूद प्रतीक ने चुनावी राजनीति में कदम नहीं रखा और अपना अलग पेशेवर रास्ता चुना। (Photo Source: @iamprateekyadav/Instagram)
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शिक्षा की बात करें तो प्रतीक यादव ने यूनाइटेड किंगडम की विश्वविद्यालय ऑफ लीड्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत लौटकर बिजनेस की दुनिया में अपना करियर बनाया। (Photo Source: @iamprateekyadav/Instagram)
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प्रतीक यादव मुख्य रूप से रियल एस्टेट और फिटनेस इंडस्ट्री से जुड़े थे। उन्होंने लखनऊ में ‘द फिटनेस प्लैनेट’ नाम से एक जिम स्थापित किया था, जो स्थानीय स्तर पर काफी लोकप्रिय था। फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर उनकी खास रुचि थी और वे खुद भी अपनी फिटनेस को लेकर बेहद सजग रहते थे। (Photo Source: @iamprateekyadav/Instagram)
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बिजनेस के अलावा प्रतीक यादव सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे। उन्होंने ‘जीव आश्रय’ नामक एक संस्था शुरू की थी, जो आवारा कुत्तों के बचाव, इलाज, भोजन और देखभाल का काम करती थी। पशु कल्याण के क्षेत्र में उनके योगदान की स्थानीय समुदायों में काफी सराहना होती थी। (Photo Source: @iamprateekyadav/Instagram)
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प्रतीक यादव की निजी जिंदगी भी समय-समय पर चर्चा में रही। उनकी शादी 2011 में बीजेपी नेता अपर्णा यादव से हुई थी। अपर्णा यादव पहले समाजवादी पार्टी से जुड़ी थीं, लेकिन बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गईं। दोनों की एक बेटी भी है। (Photo Source: @iamprateekyadav/Instagram)
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हाल के वर्षों में प्रतीक यादव स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें फेफड़ों में रक्त के थक्के (ब्लड क्लॉटिंग) से जुड़ी जटिलताएं थीं और उनका इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। (Photo Source: @iamprateekyadav/Instagram)
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प्रतीक यादव भले ही राजनीति से दूर रहे, लेकिन उन्होंने व्यवसाय, फिटनेस और सामाजिक सेवा के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। उनका निधन यादव परिवार के लिए निजी क्षति के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक हलकों के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। (Photo Source: @iamprateekyadav/Instagram)
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