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प्रयागराज में 21 अप्रैल से शुरू होने जा रही राष्ट्र हनुमंत कथा से पहले सोमवार को शहर में भव्य और विशाल कलश शोभायात्रा निकाली गई। इस आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पीले वस्त्र धारण किए महिलाएं सिर पर कलश रखकर तपती धूप में भक्ति और उत्साह के साथ सड़कों पर नजर आईं। यह शोभायात्रा जमुना क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान से शुरू होकर रामबाग स्थित नवग्रह मंदिर तक पहुंची। (PTI Photo)
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यात्रा के दौरान मुंबई से आए ढोल-ताशा कलाकारों की धुन पर श्रद्धालु झूमते दिखाई दिए। पूरे शहर का माहौल भक्तिमय हो गया और हर तरफ जयकारों की गूंज सुनाई दी। हालांकि, इस भव्य आयोजन के दौरान भीड़ इतनी अधिक हो गई कि स्थिति कई जगहों पर नियंत्रण से बाहर होती दिखी। सड़कों पर भारी भीड़ के चलते यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ और कई इलाकों में लंबा जाम लग गया। (PTI Photo)
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पुलिस प्रशासन की ओर से भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, लेकिन उमड़ी भीड़ को संभालना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। आयोजन समिति के अनुसार, 21 से 23 अप्रैल तक नैनी के देवरख क्षेत्र स्थित गंगा तट पर होने वाली इस कथा में करीब 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। (PTI Photo)
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कथा का आयोजन प्रयाग उत्थान समिति द्वारा किया जा रहा है, जिसमें बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री तीन दिनों तक हनुमंत कथा का वाचन करेंगे। कथा से पहले निकाली गई इस कलश यात्रा में ‘रामायण’ धारावाहिक के प्रसिद्ध कलाकार भी शामिल हुए। भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल, माता सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका चिखलिया और लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी भी इस आयोजन का हिस्सा बने। (Photo Source: @bageshwardham/X)
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उनके पहुंचने पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। यात्रा की शुरुआत को लेकर भी दिलचस्प स्थिति देखने को मिली, जहां भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि आधिकारिक शुभारंभ से पहले ही महिलाएं कलश लेकर सड़कों पर निकल पड़ीं। इस दौरान घोड़ों पर सवार संतों ने भी शोभायात्रा की शोभा बढ़ाई।(PTI Photo)
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सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था, जो पूरी यात्रा के दौरान मुस्तैद रही। इसके बावजूद भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि कई स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई। (PTI Photo)
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इससे पहले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने काशी दौरे के दौरान ज्ञानवापी मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है और जल्द ही वहां महादेव का अभिषेक होगा। उन्होंने कहा कि काशी में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी सहयोग की मिसाल देखने को मिलती है। (Photo Source: @bageshwardham/X)
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