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इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो का भारत दौरा भारत-इटली संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की जरूरत पहले से अधिक बढ़ गई है। (Photo Source: @rajnathsingh/X)
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नई दिल्ली पहुंचने पर गुइडो क्रोसेटो का औपचारिक स्वागत किया गया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो किसी भी विदेशी मंत्री के लिए सम्मान का प्रतीक होता है और दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। (PTI Photo)
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अपने दौरे की शुरुआत में उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल पर जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पुष्पचक्र अर्पित कर भारत के वीर जवानों के प्रति सम्मान प्रकट किया और स्मारक के विजिटर्स बुक में अपने विचार भी लिखे।(Photo Source: @SpokespersonMoD/X)
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राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर यह श्रद्धांजलि केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह भारत और इटली के बीच साझा मूल्यों- बलिदान, साहस और सम्मान को भी दर्शाती है। इस दौरान उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण भी किया। (Photo Source: @SpokespersonMoD/X)
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इसके बाद गुइडो क्रोसेटो ने भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। यह बैठक नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित की गई, जहां दोनों नेताओं के बीच विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता हुई। (Photo Source: @SpokespersonMoD/X)
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बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की गई। इसमें रक्षा उत्पादन, तकनीकी साझेदारी और संयुक्त परियोजनाओं जैसे विषय शामिल रहे। (Photo Source: @rajnathsingh/X)
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दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। खासकर पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर गंभीर चर्चा हुई। (Photo Source: @SpokespersonMoD/X)
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इस दौरान भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयासों पर भी बातचीत हुई। इटली ने इसमें सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक रुख दिखाया। (Photo Source: @MinisteroDifesa/X)
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बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू ‘मिलिट्री कोऑपरेशन प्लान 2026-27’ का आदान-प्रदान रहा। यह योजना आने वाले समय में दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग को नई दिशा देगी। (PTI Photo)
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भारत और इटली के बीच रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। इसमें सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा और रक्षा निर्यात जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। (Photo Source: @rajnathsingh/X)
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यह सहयोग विशेष रूप से तब तेज हुआ जब राजनाथ सिंह ने 2023 में इटली का दौरा किया था। उस यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। (Photo Source: @SpokespersonMoD/X)
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इसके अलावा, जनवरी 2026 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुई रणनीतिक साझेदारी ने भी इस रिश्ते को और मजबूती दी है। इस साझेदारी के तहत साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और समुद्री क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। (Photo Source: @SpokespersonMoD/X)
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