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केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि क्षेत्र को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने किसानों के लिए ‘भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR)’ नामक एक मल्टी-लिंगुअल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की घोषणा की है। (Photo Source: Pexels)
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इसका उद्देश्य किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में फसल, मिट्टी और मौसम से जुड़ी वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराना है, ताकि खेती ज्यादा आसान, सुरक्षित और लाभकारी बन सके। (Photo Source: Pexels)
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क्या है भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR)
भारत-विस्तार का पूरा नाम Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources है। यह एक AI-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जो AgriStack पोर्टल और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की प्रमाणित कृषि पद्धतियों को एक साथ जोड़कर काम करेगा। (Photo Source: Pexels) -
सरल शब्दों में कहें तो यह प्लेटफॉर्म किसानों को एक ही जगह पर भरोसेमंद, क्षेत्र-विशेष और वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराएगा। वित्त मंत्री ने आगामी वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए भारत-विस्तार परियोजना के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। (Photo Source: Pexels)
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किसानों को कैसे मिलेगी मदद
वित्त मंत्री के अनुसार, भारत-विस्तार प्लेटफॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फसल, मिट्टी, मौसम और खेती से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करेगा। इसके आधार पर किसानों को कस्टमाइज्ड एडवाइजरी सपोर्ट मिलेगा, यानी हर किसान को उसकी जमीन, फसल और जलवायु के अनुसार सलाह दी जाएगी। (Photo Source: Pexels) -
इससे किसानों को यह जानने में मदद मिलेगी कि कौन-सी फसल कब बोनी चाहिए, मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी है, मौसम के अनुसार सिंचाई और उर्वरक का सही समय क्या है, कीट और रोग से बचाव कैसे किया जाए। (Photo Source: Pexels)
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AgriStack और ICAR का होगा एकीकरण
भारत-विस्तार प्लेटफॉर्म में AgriStack के डिजिटल किसान रिकॉर्ड और ICAR की रिसर्च-आधारित सिफारिशों को जोड़ा जाएगा। इससे किसानों को सही समय पर सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से देश के अलग-अलग एग्रो-क्लाइमेटिक जोन में बेहतर और आधुनिक खेती पद्धतियों को तेजी से अपनाया जा सकेगा। (Photo Source: Pexels) -
स्थानीय भाषा में मिलेगी जानकारी
इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मल्टी-लिंगुअल होगा। यानी किसान अपनी स्थानीय भाषा में ही कृषि से जुड़ी जानकारी और सलाह ले सकेंगे। इससे तकनीक और किसान के बीच की दूरी कम होगी और डिजिटल खेती को बढ़ावा मिलेगा। (Photo Source: Pexels) -
खेती की उत्पादकता और आय बढ़ाने की उम्मीद
सरकार के अनुसार, भारत-विस्तार से खेती की उत्पादकता बढ़ेगी, जोखिम कम होगा, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से निपटने में मदद मिलेगी, और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा सकेगा। (Photo Source: Pexels)
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