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देशभर में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और हर तरफ ईद की रौनक देखने को मिली। (AP Photo)
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दिल्ली की जामा मस्जिद में हजारों मुस्लिम श्रद्धालुओं ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और अमन-चैन की दुआ मांगी। (PTI Photo)
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फतेहपुरी मस्जिद, पुरानी दिल्ली में भी सुबह से बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचे। मस्जिद के बाहर तक नमाजियों की कतारें दिखाई दीं और पूरा इलाका ईद की खुशियों में डूबा नजर आया। (PTI Photo)
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कोलकाता की नाखोदा मस्जिद में ईद-उल-अजहा के मौके पर हजारों लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और भाईचारे का संदेश दिया। (PTI Photo)
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कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। नमाज के दौरान लोगों ने देश और समाज में शांति तथा खुशहाली की दुआ मांगी। (PTI Photo)
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पटना में मस्जिदों और ईदगाहों में लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी। (PTI Photo)
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मेरठ के शाही ईदगाह में भी हजारों लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। (PTI Photo)
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अगरतला के गेडू मियां मस्जिद में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा कर देश में खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। (PTI Photo)
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मुंबई के YMCA ग्राउंड में भी बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के बाद लोगों ने गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश दिया। (PTI Photo)
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मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर भी हजारों लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। पूरे इलाके में त्योहार की रौनक और उत्साह साफ दिखाई दिया। (PTI Photo)
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नवी मुंबई के यशवंतराव चव्हाण ग्राउंड में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दीं। (PTI Photo)
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पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में भी ईद-उल-अजहा पूरे उत्साह के साथ मनाई गई। लोगों ने मस्जिदों और ईदगाहों में पहुंचकर अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। (PTI Photo)
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गाजा के खान यूनिस में लोग इजरायली हमलों में तबाह हुई मस्जिद के खंडहरों के बीच नमाज अदा करते नजर आए। मुश्किल हालात के बावजूद लोगों की आस्था और हौसला मजबूत दिखाई दिया। (PTI Photo)
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अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में भी मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी भी ईद की नमाज में शामिल हुए और लोगों को शुभकामनाएं दीं। (AP Photo)
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म्यांमार के यांगून शहर में मुस्लिम समुदाय ने मस्जिदों में इकट्ठा होकर ईद की नमाज पढ़ी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। (AP Photo)
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बरेली जिले के फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक के ग्राम मुरारपुर और नियोधाना में भी बकरीद का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। गांवों में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। (AP Photo)
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ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म का बेहद महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। इसे बकरीद और कुर्बानी की ईद भी कहा जाता है। यह त्योहार इस्लामी कैलेंडर के आखिरी महीने जिलहिज्ज की 10वीं तारीख को मनाया जाता है। (PTI Photo)
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इस त्योहार का सबसे बड़ा संदेश त्याग, समर्पण और अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास है। इस दिन मुसलमान अल्लाह की राह में कुर्बानी देकर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत को याद करते हैं। (AP Photo)
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इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, अल्लाह ने हजरत इब्राहिम की परीक्षा लेने के लिए उनसे उनकी सबसे प्यारी चीज कुर्बान करने को कहा था। हजरत इब्राहिम अपने बेटे हजरत इस्माइल की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए थे। (PTI Photo)
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जब हजरत इब्राहिम अल्लाह के हुक्म का पालन करने लगे, तब अल्लाह ने उनके जज्बे को कुबूल करते हुए हजरत इस्माइल की जगह एक दुंबा भेज दिया। तभी से मुसलमान इस घटना की याद में कुर्बानी देते हैं। (PTI Photo)
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ईद-उल-अजहा का संबंध हज यात्रा से भी जुड़ा हुआ है। मक्का में हज पूरा करने के बाद दुनिया भर के मुसलमान इस त्योहार को मनाते हैं। इसलिए इसे इस्लाम के सबसे पवित्र अवसरों में गिना जाता है। (PTI Photo)
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ईद के दिन सुबह लोग नए या साफ कपड़े पहनकर मस्जिदों और ईदगाहों में पहुंचते हैं। वहां दो रकात विशेष नमाज अदा की जाती है और समाज की खुशहाली के लिए दुआ मांगी जाती है। (PTI Photo)
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नमाज के बाद बकरे, भेड़, ऊंट या अन्य हलाल जानवरों की कुर्बानी दी जाती है। इस्लाम में कुर्बानी का मकसद सिर्फ बलि देना नहीं बल्कि त्याग और इंसानियत की भावना को मजबूत करना है। (PTI Photo)
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कुर्बानी के गोश्त को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाता है। पहला हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए तथा तीसरा हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा जाता है। (AP Photo)
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इस्लाम में कुर्बानी के लिए किसी शुभ मुहूर्त की परंपरा नहीं है, लेकिन इसका तय समय जरूर होता है। कुर्बानी का समय ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद शुरू होता है और जिलहिज्ज की 12वीं तारीख के सूर्यास्त तक चलता है। (PTI Photo)
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