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हर साल 12 मई को दुनियाभर में इंटरनेशनल डे ऑफ प्लांट हेल्थ मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को पौधों के स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूक करना और यह समझाना है कि स्वस्थ पौधे ही सुरक्षित भविष्य की नींव हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इस दिवस की शुरुआत पौधों को कीटों, बीमारियों और पर्यावरणीय खतरों से बचाने के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से की थी। यह दिवस इंटरनेशनल ईयर ऑफ प्लांट हेल्थ 2020 की एक महत्वपूर्ण विरासत माना जाता है। (Photo Source: Pexels)
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क्या है इंटरनेशनल डे ऑफ प्लांट हेल्थ?
इंटरनेशनल डे ऑफ प्लांट हेल्थ हर वर्ष 12 मई को मनाया जाता है। इसे संयुक्त राष्ट्र (UN) और खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा बढ़ावा दिया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि पौधों का स्वास्थ्य केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन, पर्यावरण और वैश्विक अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ा हुआ है। (Photo Source: Pexels) -
पौधे हमारे जीवन के लिए बेहद जरूरी हैं, क्योंकि हम जो भोजन करते हैं, उसका लगभग 80% हिस्सा पौधों से प्राप्त होता है। पृथ्वी पर उपलब्ध ऑक्सीजन का लगभग 98% हिस्सा पौधे ही बनाते हैं। पौधे जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि, हर साल कीटों और बीमारियों के कारण दुनिया की लगभग 40% फसलें नष्ट हो जाती हैं, जिससे खाद्य संकट और आर्थिक नुकसान बढ़ता है। (Photo Source: Pexels)
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इंटरनेशनल डे ऑफ प्लांट हेल्थ 2026 की थीम
साल 2026 के लिए इंटरनेशनल डे ऑफ प्लांट हेल्थ की थीम है- “Plant Biosecurity for Food Security” ( यानी ‘खाद्य सुरक्षा के लिए पादप जैव सुरक्षा’)। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि पौधों को हानिकारक कीटों, रोगों और आक्रामक प्रजातियों से बचाना वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए कितना आवश्यक है। (Photo Source: Pexels) -
क्या है प्लांट बायोसेक्योरिटी?
प्लांट बायोसेक्योरिटी को पौधों की सुरक्षा के लिए एक तरह की ‘सीमा सुरक्षा’ माना जा सकता है। जैसे देशों की सीमाओं पर जांच होती है, वैसे ही पौधों और कृषि उत्पादों की निगरानी की जाती है ताकि खतरनाक कीट और रोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक न फैलें। इसके तहत, पौधों और बीजों की जांच, कीट एवं रोगों की पहचान, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्वास्थ्य मानकों का पालन, आपातकालीन नियंत्रण और रोकथाम जैसे कदम उठाए जाते हैं। (Photo Source: Pexels) -
पौधों का स्वास्थ्य क्यों है महत्वपूर्ण?
स्वस्थ पौधे कई स्तरों पर लाभ पहुंचाते हैं, जैसे – स्वस्थ फसलें अधिक उत्पादन देती हैं, जिससे दुनिया में भूख और कुपोषण कम करने में मदद मिलती है। यदि फसलें रोगमुक्त रहेंगी, तो किसानों को बेहतर उत्पादन और अधिक आय मिलेगी। पौधे पृथ्वी के इकोसिस्टम को संतुलित रखते हैं और कई जीवों का आश्रय हैं। पौधों से जुड़े रोग अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकते हैं। बायोसेक्योरिटी नियम व्यापार को सुचारु बनाए रखते हैं। (Photo Source: Pexels) -
वन हेल्थ कॉन्सेप्ट से जुड़ा है यह दिवस
इंटरनेशनल डे ऑफ प्लांट हेल्थ ‘वन हेल्थ’ अवधारणा को भी समर्थन देता है। यह विचार बताता है कि मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य, पौधों का स्वास्थ्य, पर्यावरणीय स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। किसी एक क्षेत्र में समस्या आने पर बाकी क्षेत्रों पर भी असर पड़ सकता है। (Photo Source: Pexels) -
पौधो के स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख संगठन
फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा, कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन के क्षेत्र में काम करता है और पादप स्वास्थ्य के संरक्षण के लिए कई कार्यक्रम चलाता है। वहीं, इंटरनेशनल प्लांट प्रोटेक्शन कन्वेंशन (IPPC) देशों को पौधों के कीटों के प्रसार को रोकने और सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुनिश्चित करने में मदद करता है। (Photo Source: Pexels)
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