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हर वर्ष 1 जून को दुनिया भर में ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स (Global Day of Parents) मनाया जाता है। यह दिन माता-पिता के प्रति सम्मान, प्रेम और आभार व्यक्त करने के लिए समर्पित है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने वर्ष 2012 में इस दिवस की घोषणा की थी ताकि दुनिया भर के उन माता-पिता को सम्मान दिया जा सके, जो अपने बच्चों के पालन-पोषण, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए आजीवन त्याग करते हैं। (Photo Source: Pexels)
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ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स 2026 की थीम
वर्ष 2026 में इस दिवस की थीम ‘Together for Parents’ (माता-पिता के साथ मिलकर) रखी गई है। इस अवसर पर यूनिसेफ (UNICEF) ‘Becoming a Parent’ नामक वीडियो जारी करेगा, जिसमें दुनिया के विभिन्न देशों के माता-पिता अपने पालन-पोषण के अनुभवों और भावनात्मक सफर को शेयर करेंगे। इस पहल का उद्देश्य यह बताना है कि बच्चों को जीवन की मजबूत शुरुआत देने के लिए माता-पिता और देखभाल करने वालों को समय, सहयोग और समर्थन की आवश्यकता होती है। (Photo Source: Pexels) -
माता-पिता की भूमिका क्यों है महत्वपूर्ण?
माता-पिता बच्चे के जीवन के पहले शिक्षक, मार्गदर्शक और संरक्षक होते हैं। वे बच्चों को पहचान, प्यार, देखभाल, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता प्रदान करते हैं। एक स्वस्थ और खुशहाल पारिवारिक वातावरण बच्चे के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। (Photo Source: Pexels) -
एक्सपर्ट्स के अनुसार, बचपन में मिलने वाला प्यार, सुरक्षा और सही मार्गदर्शन व्यक्ति के पूरे जीवन को प्रभावित करता है। वहीं, बचपन के मानसिक आघात और असुरक्षित वातावरण का प्रभाव बच्चे के विकास और भविष्य पर नकारात्मक पड़ सकता है। (Photo Source: Pexels)
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इस दिवस का इतिहास
1980 के दशक में संयुक्त राष्ट्र ने परिवार से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान देना शुरू किया। वर्ष 1983 में आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) की सिफारिशों के आधार पर परिवारों की समस्याओं और जरूरतों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल की गई। (Photo Source: Pexels) -
इसके बाद 9 दिसंबर 1989 को यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली ने वर्ष 1994 को अंतरराष्ट्रीय परिवार वर्ष (International Year of the Family) घोषित किया। फिर 1993 में पारित एक अन्य प्रस्ताव के तहत हर वर्ष 15 मई को अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस (International Day of Families) मनाने का निर्णय लिया गया। (Photo Source: Pexels)
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परिवारों और माता-पिता की भूमिका को और अधिक महत्व देते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2012 में 1 जून को ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स के रूप में घोषित किया। तब से यह दिवस हर साल मनाया जा रहा है। (Photo Source: Pexels)
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माता-पिता के त्याग को सम्मान देने का दिन
माता-पिता अपने बच्चों के लिए अनगिनत त्याग करते हैं। वे उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार प्रयास करते हैं। बच्चों को जीवन के मूल्य सिखाने से लेकर कठिन परिस्थितियों में उनका साथ देने तक, माता-पिता की भूमिका अतुलनीय होती है। (Photo Source: Pexels) -
ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स बच्चों को यह अवसर देता है कि वे अपने माता-पिता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें और उनके प्रेम व समर्पण का सम्मान करें। वहीं, माता-पिता के लिए यह दिन अपने दायित्वों और बच्चों के विकास में अपनी भूमिका को समझने और मजबूत करने का भी अवसर है। (Photo Source: Pexels)
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समाज और विकास में परिवार की भूमिका
संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि मजबूत परिवार और सकारात्मक पालन-पोषण सामाजिक विकास, आर्थिक समृद्धि और समानता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परिवार बच्चों को केवल भावनात्मक सुरक्षा ही नहीं देता, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा भी प्रदान करता है। इसी कारण कई देशों में माता-पिता और परिवारों के लिए जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और सामाजिक सहायता योजनाएं चलाई जाती हैं ताकि बच्चों को बेहतर वातावरण मिल सके। (Photo Source: Pexels)
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