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रसोई से निकलने वाले ऑर्गेनिक कचरे को खाद में बदलने का सबसे अच्छा तरीका कम्पोस्टिंग माना जाता है। इससे न केवल कचरा कम होता है, बल्कि पौधों के लिए पोषक तत्वों से भरपूर प्राकृतिक खाद भी तैयार होती है। हालांकि, कई लोग कम्पोस्टिंग शुरू तो करते हैं, लेकिन कम्पोस्ट बिन से आने वाली तेज दुर्गंध के कारण कुछ ही समय में इसे छोड़ देते हैं। (Photo Source: Pexels)
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एक्सपर्ट्स के अनुसार, सही तरीके से तैयार किया गया कम्पोस्ट ताजी मिट्टी जैसी हल्की और प्राकृतिक खुशबू देता है। यदि आपके कम्पोस्ट बिन से सड़ी हुई या तीखी बदबू आ रही है, तो इसका मतलब है कि कम्पोस्टिंग प्रक्रिया में कहीं न कहीं गड़बड़ी हो रही है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान उपाय अपनाकर इस समस्या को दूर किया जा सकता है। (Photo Source: Pexels)
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सूखी ‘ब्राउन’ सामग्री मिलाएं
कम्पोस्ट में केवल गीले किचन वेस्ट डालने से नमी बढ़ जाती है, जिससे दुर्गंध पैदा हो सकती है। इसलिए फलों और सब्जियों के छिलकों के साथ सूखे पत्ते, कटा हुआ गत्ता, अखबार या नारियल के छिलके जैसी ‘ब्राउन’ सामग्री भी मिलाएं। यह अतिरिक्त नमी को सोखती है और हवा के प्रवाह को बेहतर बनाती है। (Photo Source: Pexels) -
मांस और डेयरी उत्पादों को कम्पोस्ट में न डालें
मांस, मछली की हड्डियां, दूध, पनीर, दही, तैलीय और मसालेदार भोजन कम्पोस्ट बिन में डालने से बचें। ये चीजें जल्दी सड़ती हैं, बदबू पैदा करती हैं और मक्खियों व चूहों को आकर्षित कर सकती हैं। इसके बजाय सब्जियों के छिलके, चायपत्ती, कॉफी ग्राउंड और बगीचे का ऑर्गेनिक कचरा इस्तेमाल करें। (Photo Source: Pexels) -
कम्पोस्ट को नियमित रूप से पलटें
कम्पोस्ट बनने की प्रक्रिया में ऑक्सीजन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि कम्पोस्ट लंबे समय तक बिना हिलाए पड़ा रहे, तो उसमें ऑक्सीजन की कमी हो सकती है और बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए सप्ताह में कम से कम एक बार कम्पोस्ट को फावड़े या कम्पोस्ट एरेटर की मदद से पलटें। (Photo Source: Pexels) -
नमी का सही संतुलन बनाए रखें
अच्छा कम्पोस्ट हल्का नम होना चाहिए, बिल्कुल निचोड़े हुए स्पंज की तरह। यदि कम्पोस्ट बहुत ज्यादा गीला हो जाए, तो उसमें दुर्गंध पैदा होने लगती है। ऐसी स्थिति में सूखे पत्ते या कागज मिलाएं। बारिश के मौसम में कम्पोस्ट बिन को ढककर रखना भी जरूरी है। (Photo Source: Pexels) -
किचन वेस्ट को छोटे टुकड़ों में काटें
फल और सब्जियां यदि बड़े टुकड़ों में कम्पोस्ट में डाली जाएं, तो उन्हें सड़ने में अधिक समय लगता है। इससे दुर्गंध बढ़ सकती है। कम्पोस्टिंग से पहले किचन वेस्ट को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटने से उनका विघटन तेजी से होता है और बदबू की संभावना कम हो जाती है। (Photo Source: Pexels) -
ताजे कचरे को ढककर रखें
जब भी नया किचन वेस्ट कम्पोस्ट बिन में डालें, उसे तुरंत सूखे पत्तों, बुरादे, कटा हुआ कागज या पहले से तैयार कम्पोस्ट की पतली परत से ढक दें। इससे मक्खियां आकर्षित नहीं होतीं और दुर्गंध भी कम होती है। (Photo Source: Pexels) -
कम्पोस्ट बिन के लिए सही जगह चुनें
कम्पोस्ट बिन को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त हवा आती हो और थोड़ी धूप भी मिलती हो। बहुत ज्यादा नमी वाली या पूरी तरह छायादार जगह पर कम्पोस्टिंग की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और बदबू पैदा हो सकती है। अच्छी वेंटिलेशन और संतुलित तापमान कम्पोस्ट को स्वस्थ बनाए रखते हैं। (Photo Source: Pexels)
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