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नवरात्रि के नौ दिन माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और व्रत रखने के बाद, शरीर एक तरह के डिटॉक्स मोड में चला जाता है। इस दौरान खाने में फल, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, सेंधा नमक और हल्का सात्विक भोजन लिया जाता है। लेकिन नौ दिन का व्रत पूरा होने के बाद अचानक से भारी, तेलीय और मसालेदार खाने की आदत सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। इसलिए जानना जरूरी है कि फास्ट के बाद क्या नहीं खाना चाहिए और क्या खाना चाहिए। (Photo Source: Pexels)
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व्रत के बाद क्या नहीं खाना चाहिए?
तला हुआ खाना:
पकौड़े, पूरी, छोले-भटूरे जैसी भारी और तेल से बनी चीजें खाने से पाचन पर दबाव बढ़ता है। इससे अपच, पेट फूलना और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। (Photo Source: Pexels) -
ज्यादा तीखा खाना:
व्रत में कम मसाले खाने के बाद अचानक चाट, गोलगप्पे, चिली पनीर जैसी तीखी चीजें खाने से पेट में जलन और एसिडिटी हो सकती है। (Photo Source: Pexels) -
अधिक मीठा:
गुलाब जामुन, जलेबी, हलवा जैसी मिठाइयां खाने से शरीर को अचानक ज्यादा शुगर मिलती है। इससे इंसुलिन लेवल बिगड़ सकता है और सुस्ती, चक्कर या वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। (Photo Source: Pexels) -
व्रत के बाद क्या खाएं?
पहला दिन:
हल्का खाना ही लें, जैसे- खिचड़ी, सादा दाल-चावल और उबली सब्जियां सबसे सही विकल्प हैं। (Photo Source: Pexels) -
दूसरा दिन:
धीरे-धीरे रोटियां, सलाद और थोड़ा मसालेदार खाना शुरू कर सकते हैं। इससे शरीर को भारी भोजन के लिए तैयार किया जा सकता है। (Photo Source: Pexels) -
हेल्दी टिप्स
खाने में तेल और मसालों की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं। पानी और सूप का सेवन बढ़ाएं ताकि डिटॉक्स प्रभाव बना रहे। ज्यादा मीठा या फास्ट फूड न लें, इससे वजन और पाचन पर असर पड़ सकता है। (Photo Source: Pexels)
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