-
बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन साथ ही नमी और सीलन भी बढ़ा देता है। यही नमी बैक्टीरिया, फफूंदी (मोल्ड) और अन्य हानिकारक कीटाणुओं के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है। घर की कुछ ऐसी चीजें और जगहें हैं, जिन पर अक्सर ध्यान नहीं जाता, लेकिन मानसून में ये आसानी से जर्म्स का ठिकाना बन सकती हैं। आइए जानते हैं उन 8 जगहों के बारे में, जिन्हें बारिश के मौसम में नियमित रूप से साफ रखना बेहद जरूरी है। (Photo Source: Pexels)
-
AC का फिल्टर
मानसून में हवा में मौजूद नमी के कारण AC के फिल्टर में धूल, फफूंदी और एलर्जी पैदा करने वाले कण जमा हो सकते हैं। फिल्टर की नियमित सफाई न केवल हवा को स्वच्छ रखती है, बल्कि AC की कार्यक्षमता भी बेहतर बनाए रखती है। (Photo Source: Pexels) -
बाथरूम मैट
गीले पैरों और कम वेंटिलेशन की वजह से बाथरूम मैट में नमी जमा हो जाती है। इससे फफूंदी और बदबू पैदा हो सकती है। इसे नियमित रूप से धोएं और धूप में अच्छी तरह सुखाएं। (Photo Source: Pexels) -
डोरमैट
बारिश के दौरान जूतों के साथ घर में मिट्टी, गंदगी और बारिश का पानी भी आता है। डोरमैट इन सबको सोख लेता है और कीटाणुओं का घर बन सकता है। इसलिए इसे समय-समय पर धोना या वैक्यूम करना जरूरी है। (Photo Source: Pexels) -
किचन सिंक और ड्रेन
खाने के छोटे-छोटे कण और जमा पानी किचन सिंक और ड्रेन में बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं। इन्हें नियमित रूप से साफ और डिसइन्फेक्ट करें, ताकि बदबू और संक्रमण का खतरा कम हो। (Photo Source: Pexels) -
किचन स्पंज
बर्तन धोने वाला स्पंज लंबे समय तक गीला रहता है, जिससे इसमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं। इस्तेमाल के बाद इसे अच्छी तरह धोकर सूखने दें और समय-समय पर नया स्पंज इस्तेमाल करें। (Photo Source: Pexels) -
दोबारा इस्तेमाल होने वाले शॉपिंग बैग
कपड़े या फैब्रिक के शॉपिंग बैग अक्सर बारिश में भीग जाते हैं और उनमें किराने का सामान रखा जाता है। इन्हें लोग कम ही धोते हैं, जिससे बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। इसलिए इन्हें नियमित रूप से साफ करना जरूरी है। (Photo Source: Pexels) -
वॉशिंग मशीन की रबर गैस्केट
फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन की रबर सील में अक्सर पानी, डिटर्जेंट और गंदगी जमा रह जाती है। हर वॉश के बाद इसे सूखे कपड़े से पोंछें और सप्ताह में कम से कम एक बार अच्छी तरह साफ करें, ताकि फफूंदी न जमे। (Photo Source: Pexels) -
खिड़कियों की चौखट और पर्दे
बारिश का पानी, नमी और कम हवा आने-जाने की वजह से खिड़कियों की चौखट और पर्दों में सीलन हो सकती है। इससे फफूंदी लगने का खतरा बढ़ जाता है। खिड़की के फ्रेम को नियमित रूप से पोंछें और पर्दों को समय-समय पर धोते रहें। (Photo Source: Pexels) -
मानसून में घर को स्वच्छ रखने के आसान टिप्स
घर में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें। गीली चीजों को जल्द से जल्द सुखाएं। नियमित रूप से सफाई और डिसइन्फेक्शन करें। जहां संभव हो, धूप का उपयोग करके नमी कम करें। घर में सीलन या फफूंदी दिखते ही तुरंत सफाई करें। (Photo Source: Pexels)
(यह भी पढ़ें: कॉपी-किताब में क्यों छोड़ा जाता है खाली मार्जिन, इसके पीछे छिपी है दिलचस्प कहानी)