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जैसे ही आसमान में काले बादल छाते हैं और बारिश की पहली फुहार गिरती है, कई लोगों के मन में सबसे पहले गरमा-गरम समोसे, कुरकुरे पकौड़े, जलेबी और अदरक वाली चाय की तस्वीर उभरने लगती है। यह सिर्फ स्वाद का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे हमारे शरीर और दिमाग से जुड़ा दिलचस्प विज्ञान भी काम करता है। मानसून के दौरान इन पारंपरिक स्नैक्स की बढ़ती मांग इसी बात का संकेत है कि बारिश और खाने की हमारी पसंद का गहरा संबंध है। (Photo Source: Gemini Generated Image)
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बारिश में क्यों बढ़ जाती है तला-भुना खाने की इच्छा?
बारिश के दिनों में आसमान बादलों से ढका रहता है, जिससे सूरज की रोशनी कम मिलती है। कम धूप मिलने की वजह से शरीर में सेरोटोनिन का स्तर थोड़ा कम हो सकता है। सेरोटोनिन को ‘हैप्पी हार्मोन’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह हमारे मूड को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। (Photo Source: Pexels) -
ऐसे समय में हमारा शरीर ऐसे खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित होता है जिनमें कार्बोहाइड्रेट और फैट अधिक होता है। समोसे, पकौड़े और जलेबी जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को तुरंत ऊर्जा और दिमाग को टेम्पररी सेटिस्फेक्शन का एहसास दिलाते हैं, जिससे मूड बेहतर महसूस हो सकता है। (Photo Source: Pexels)
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ठंडे मौसम में गर्म और कुरकुरा खाना क्यों लगता है ज्यादा स्वादिष्ट?
बारिश का मौसम ठंडा, नम और सुहावना होता है। ऐसे में हमारा दिमाग स्वाभाविक रूप से ऐसी चीजों की तलाश करता है जो इसके बिल्कुल विपरीत हों। गरमा-गरम, कुरकुरे और ताजे तले हुए पकौड़े या समोसे न सिर्फ स्वादिष्ट लगते हैं, बल्कि उनकी गर्माहट और कुरकुरापन हमारी इंद्रियों को भी संतुष्ट करता है। यही वजह है कि बारिश में इनका स्वाद और भी ज्यादा अच्छा लगता है। (Photo Source: Pexels) -
चाय के बिना क्यों अधूरा लगता है यह कॉम्बिनेशन?
मानसून और चाय का रिश्ता बेहद खास है। खासकर अदरक, इलायची या मसाला चाय का तीखा और गर्म स्वाद तली-भुनी चीजों के साथ बेहतरीन मेल बनाता है। अदरक जैसी सामग्री शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करती है, जबकि गर्म चाय बारिश के मौसम में आराम और सुकून का एहसास देती है। यही कारण है कि समोसे या पकौड़ों के साथ चाय लगभग हर घर की पहली पसंद बन जाती है। (Photo Source: Pexels) -
यादों से भी जुड़ी होती हैं ये क्रेविंग्स
बारिश सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि यादों का भी मौसम होती है। गरम तेल में तले जा रहे पकौड़ों की खुशबू कई लोगों को बचपन की यादों में ले जाती है, स्कूल की छुट्टियां, परिवार के साथ बिताए पल, बोर्ड गेम्स, बिजली चले जाने पर साथ बैठकर चाय-पकौड़े खाना और खिड़की से बारिश देखना। इसे नॉस्टेल्जिया कहा जाता है। जब कोई खुशबू, स्वाद या मौसम पुरानी सुखद यादों को ताजा करता है, तो हमारा मन उसी अनुभव को दोबारा जीना चाहता है। (Photo Source: Pexels) -
क्या रोज खाना सही है?
हालांकि मानसून में समोसे, पकौड़े और जलेबी खाना आनंददायक होता है, लेकिन इनमें तेल, चीनी और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर है। यदि संभव हो तो घर पर ताजा और साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए इन्हें बनाएं। साथ ही मौसमी संक्रमण से बचने के लिए सड़क किनारे खुले में रखे खाद्य पदार्थ खाने से बचें। (Photo Source: Pexels)
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