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भारतीय रसोई में कई ऐसी आदतें हैं जिन्हें लोग पीढ़ियों से अपनाते आ रहे हैं, लेकिन उनके पीछे की वजह पर कम ही ध्यान देते हैं। ऐसी ही एक आम आदत है सब्जियों के ऊपरी हिस्से यानी क्राउन या डंठल को काटकर अलग कर देना। चाहे भिंडी हो, बैंगन, लौकी या करेला, अधिकतर घरों में इन सब्जियों के सख्त डंठल वाले हिस्से को हटाकर ही पकाया जाता है। (Photo Source: Pexels)
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दरअसल, इसके पीछे स्वाद, बनावट, सफाई और पाचन से जुड़ी कई व्यावहारिक वजहें होती हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ सब्जियों के क्राउन तकनीकी रूप से खाने योग्य होते हैं, लेकिन वे अक्सर सख्त, रेशेदार, कड़वे या ठीक से न पकने वाले होते हैं। इसके अलावा इन हिस्सों में मिट्टी, धूल और कीटनाशकों के अंश भी जमा हो सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसी 7 सब्जियों के बारे में जिनके ऊपरी हिस्से आमतौर पर हटा दिए जाते हैं। (Photo Source: Pexels)
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भिंडी
भिंडी अपनी मुलायम बनावट और मसालों को अच्छे से सोखने की क्षमता के लिए जानी जाती है। लेकिन इसका ऊपरी हिस्सा काफी सख्त और लकड़ी जैसा होता है, जो पकने के बाद भी चबाने में अच्छा नहीं लगता। साथ ही इसकी बनावट ऐसी होती है कि इसमें खेती और ट्रांसपोर्ट के दौरान धूल-मिट्टी आसानी से जमा हो जाती है, इसलिए इसे हटाना ज्यादा बेहतर माना जाता है। (Photo Source: Pexels) -
लौकी
लौकी का मोटा डंठल वाला हिस्सा आमतौर पर काटकर फेंक दिया जाता है। यह हिस्सा काफी रेशेदार होता है और लौकी की बाकी नरम बनावट जैसा नहीं होता। कई बार पकी हुई या बड़ी लौकी में यह हिस्सा हल्का कड़वा भी लग सकता है, इसलिए इसे इस्तेमाल नहीं किया जाता। (Photo Source: Pexels) -
बैंगन
बैंगन का हरा मुकुटनुमा हिस्सा और डंठल पकने के बाद भी सख्त बने रहते हैं। जहां बैंगन भुनने या पकने के बाद मुलायम और स्वादिष्ट हो जाता है, वहीं इसका ऊपरी हिस्सा चबाने में अच्छा नहीं लगता। इसी वजह से इसे पहले ही काट दिया जाता है। (Photo Source: Pexels) -
शिमला मिर्च
शिमला मिर्च का ऊपरी हिस्सा नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन यह बाकी हिस्से की तुलना में ज्यादा सख्त और हल्का कड़वा हो सकता है। इसे हटाने से सब्जी को समान आकार में काटना भी आसान हो जाता है। (Photo Source: Pexels) -
तोरी
तोरी यानी रिज गार्ड के ऊपर और नीचे के हिस्से में घने रेशे होते हैं, जो पकने के बाद भी आसानी से नरम नहीं होते। यही कारण है कि इन हिस्सों को हटाकर ही सब्जी बनाई जाती है। साथ ही इन्हें पचाना भी थोड़ा मुश्किल माना जाता है। (Photo Source: Pexels) -
करेला
करेले का स्वाद पहले से ही कड़वा होता है और इसका ऊपरी हिस्सा बाकी सब्जी से भी ज्यादा कड़वा और रेशेदार माना जाता है। इसलिए ज्यादातर लोग करेले के दोनों सिरों को काटकर ही इस्तेमाल करते हैं ताकि उसका स्वाद थोड़ा संतुलित हो सके। (Photo Source: Pexels) -
परवल
परवल के दोनों किनारे सूखे, नुकीले और रेशेदार होते हैं। ये हिस्से मसालों को ठीक से सोख नहीं पाते और खाने में भी खुरदरे लगते हैं। इसी वजह से परवल बनाते समय इसके सिरे काट दिए जाते हैं। (Photo Source: Pexels)
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