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शाम की चाय के साथ बिस्किट खाना आज लगभग हर घर की आदत बन चुका है। चाहे ग्लूकोज बिस्किट हो, कुकीज हों या फिर चॉकलेट बिस्किट, यह छोटा-सा स्नैक हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिस्किट का इतिहास हजारों साल पुराना है? कभी यह सैनिकों और नाविकों के लिए लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाला भोजन था, जो समय के साथ दुनिया के सबसे लोकप्रिय स्नैक्स में बदल गया। (Photo Source: Pexels)
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‘बिस्किट’ शब्द का क्या मतलब है?
बिस्किट शब्द लैटिन भाषा के दो शब्दों ‘बिस’ (दो बार) और ‘कोक्टस’ (पकाया हुआ) से बना है। इसका शाब्दिक अर्थ है ‘दो बार पकाया गया’। शुरुआती दौर में बिस्किट को पहले बेक किया जाता था और फिर दोबारा धीमी आंच पर सुखाया जाता था, ताकि उसमें नमी न रहे और वह लंबे समय तक खराब न हो। (Photo Source: Pexels) -
प्राचीन सभ्यताओं में भी थे बिस्किट
माना जाता है कि प्राचीन मिस्र, यूनान और रोम की सभ्यताओं में बिस्किट जैसे खाद्य पदार्थ बनाए जाते थे। ये कठोर और सूखी रोटियों की तरह होते थे, जिन्हें लंबी यात्राओं और युद्ध अभियानों के दौरान खाया जाता था। रोमन सैनिक ‘बुसेलम’ नामक एक प्रकार का बिस्किट खाते थे, जबकि मिस्र के नाविक बाजरे से बनी सूखी रोटियां अपने साथ रखते थे। (Photo Source: Pexels) -
नाविकों का सबसे भरोसेमंद भोजन
समुद्री यात्राओं के दौरान भोजन को लंबे समय तक सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती होती थी। इसलिए नाविक ‘हार्डटैक’ नामक बेहद कठोर बिस्किट साथ ले जाते थे। इनमें नमी लगभग नहीं होती थी, इसलिए ये कई महीनों या वर्षों तक खराब नहीं होते थे। हालांकि इन्हें खाना आसान नहीं था। इन्हें अक्सर पानी, कॉफी या नमकीन घोल में डुबोकर नरम किया जाता था। (Photo Source: Pexels) -
चीनी और मसालों ने बदली बिस्किट की दुनिया
मध्यकाल में जब व्यापार के जरिए चीनी, दालचीनी, अदरक और अन्य मसाले यूरोप पहुंचे, तब बिस्किट का स्वाद भी बदलने लगा। अब यह केवल जीवित रहने का साधन नहीं रहा, बल्कि स्वादिष्ट मिठाई के रूप में लोकप्रिय होने लगा। अदरक से बना जिंजरब्रेड उन शुरुआती मीठे बिस्किटों में से एक था, जिसने यूरोप में काफी लोकप्रियता हासिल की। (Photo Source: Pexels) -
इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन ने बनाया आम लोगों का स्नैक
19वीं सदी में इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन के दौरान मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर बिस्किट बनने लगे। इससे उनकी कीमत कम हुई और वे आम लोगों की पहुंच में आ गए। इसी दौर में कई प्रसिद्ध बिस्किट कंपनियों की शुरुआत हुई। आकर्षक पैकेजिंग, टिन के डिब्बे और नए स्वादों ने बिस्किट को घर-घर पहुंचा दिया। ब्रिटेन में चाय के साथ बिस्किट खाने की परंपरा भी इसी समय लोकप्रिय हुई। (Photo Source: Pexels) -
भारत में बिस्किट की एंट्री
भारत में बिस्किट और ब्रेड ब्रिटिश शासन के दौरान आए। शुरुआत में बंगाल और असम के कुछ क्षेत्रों में लोग इन्हें संदेह की नजर से देखते थे। कई लोगों को लगता था कि इन्हें मुस्लिम रसोइयों द्वारा बनाया जाता है, इसलिए वे इन्हें खाने से बचते थे। (Photo Source: Pexels) -
बाद में कंपनियों ने ‘मशीन से बने’ और ‘हाथ न लगे’ जैसे विज्ञापन देकर लोगों का भरोसा जीता। धीरे-धीरे बिस्किट भारतीय खानपान का हिस्सा बन गया और आज यह देश के सबसे लोकप्रिय स्नैक्स में शामिल है। (Photo Source: Pexels)
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दुनिया भर में बिस्किट के अलग-अलग रूप
आज लगभग हर देश में बिस्किट का अपना अलग रूप देखने को मिलता है। उदाहरण के लिए- भारत में ग्लूकोज और पारले-जी जैसे बिस्किट लोकप्रिय हैं। ब्रिटेन में डाइजेस्टिव और रिच टी बिस्किट चाय के साथ खाए जाते हैं। इटली में बिस्कॉटी प्रसिद्ध है। डेनमार्क अपनी बटर कुकीज के लिए जाना जाता है। स्कॉटलैंड का शॉर्टब्रेड दुनियाभर में मशहूर है। (Photo Source: Pexels) -
बिस्किट और कुकी में क्या अंतर है?
ब्रिटेन, भारत और कई अन्य देशों में छोटे, कुरकुरे और बेक किए गए खाद्य पदार्थों को बिस्किट कहा जाता है। वहीं अमेरिका में इन्हें आमतौर पर ‘कुकी’ कहा जाता है। अमेरिका में ‘बिस्किट’ शब्द एक प्रकार की नरम ब्रेड के लिए इस्तेमाल होता है, जो स्कोन जैसी दिखती है। (Photo Source: Pexels)
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