-
भारत मंदिरों का देश है। यहां कई ऐसे मंदिर हैं जो अपने अंदर कई रहस्य समेटे हुए हैं। देश में एक जगह ऐसा है जहां पर 900 से अधिक संगमरमर के मंदिर हैं। लेकिन सबसे खास बात यह है कि सूर्यास्त के बाद यहां कोई नहीं रुक सकता है। भले ही क्यों न मंदिर के पुजारी ही क्यों न हो। शाम होते ही हर किसी को अपना स्थान छोड़ देना होता है। आइए जानते हैं इसके बारे में: (Photo Source: Palitana Jain Temple/FB)
-
दरअसल, हम बात कर रहे हैं गुजरात के शत्रुंजय पहाड़ियों की जो जैन धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। शत्रुंजय पहाड़ियों पर बसा पालिताना एक शहर नहीं बल्कि आस्था, वास्तुकला और अनुशासन का संगम है। यह जगह शांति और आत्मचिंतन का प्रतीक है। यहां का वातावरण बेहद ही शांत और साधारण सा लगता है। (Photo Source: Palitana Jain Temple/FB)
-
गुजरात के भावनगर में स्थित पालीताना शहर प्रकृति की गोद में बसा है। इसके ऊपर ऊंचाई पर शत्रुंजय पर्वत है जिसका मतलब होता है। शत्रुओं पर विजय पाने वाली पहाड़ी। यहां हर कदम जैन संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। (Photo Source: Palitana Jain Temple/FB)
-
इस पहाड़ी पर 900 से अधिक संगमरमर के मंदिर हैं जो सूरज की रोशनी में चमकते हैं। इसी के चलते पालिताना को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है। (Photo Source: Palitana Jain Temple/FB)
-
इस मंदिर की सबसे अनोखी बात यह है कि सूर्यास्त के बाद पहाड़ी पर किसी को भी रुकने की अनुमति नहीं है। जैसे ही सूरज ढलता है पुजारी, तीर्थयात्री हर कोई नीचे उतर आता है। पूरी पहाड़ी रातभर गहरे सन्नाटे में डूबी रहती है और सुबह होते ही फिर से यह जीवंत हो उठती है। (Photo Source: Palitana Jain Temple/FB)
-
यहां का हर एक मंदिर किसी न किसी तीर्थंकर या आध्यात्मिक गुरु को समर्पित है। मान्यता है कि यह पर्वत देवताओं का निवास स्थान है और सूर्यास्त के बाद वह यहां पर निवास करते हैं। इसी के चलते सूरज ढलने के बाद यहां पर रुकना वर्जित है। (Photo Source: Palitana Jain Temple/FB)
-
यह मंदिर पहले जैन तीर्थंकर ऋषभनाथ (आदिनाथ) को समर्पित है जो जैन धर्म में सबसे अधिक पूजनीय माने जाते हैं। (Photo Source: Palitana Jain Temple/FB) अपने अंदर कई रहस्य समेटे हुए है सोमनाथ मंदिर, वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए ये पांच सीक्रेट