-
नींद लगभग हर जीवित प्राणी के लिए जरूरी होती है। इंसानों की बात करें तो एक व्यक्ति को रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है। अक्सर हम रात में बेड पर सोते हैं। लेकिन कई ऐसे जानवर हैं जिनके सोने का तरीका इंसानों से काफी अलग है। समय के साथ हुए विकास ने अलग-अलग जीवों को ऐसी खास क्षमताएं दी हैं, जिनकी मदद से वे शिकारियों से बचते हुए, कठिन परिस्थितियों में भी या लंबी यात्राओं के दौरान आराम कर सकते हैं। (Photo Source: Pexels)
-
आज हम जानेंगे उन पक्षियों के बारे में जो अपनी सोने की अनोखी आदत के लिए जाने जाते हैं। कोई पक्षी उड़ते-उड़ते झपकी ले लेता है, तो कुछ ऐसे हैं जो खड़े-खड़े ही लंबी नींद लेते हैं। (Photo Source: Pexels)
-
1- अल्पाइन स्विफ्ट
अल्पाइन स्विफ्ट को उड़ते-उड़ते सोने वाला पक्षी भी कहा जाता है। यह यूरोप से अफ्रीका तक कई महीनों की लंबी यात्रा तय करता है। इस दौरान यह लंबे समय तक बिना जमीन पर उतरे उड़ता रहता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ऊंचाई पर उड़ते हुए कुछ सेकंड की छोटी-छोटी झपकी ले लेता है। इससे इसकी ऊर्जा बचती है और यात्रा भी नहीं रुकती। बताया जाता है कि यह पक्षी ज्यादा समय हवा में बिना पंख फड़फड़ाए ग्लाइड करता है, इसलिए कुछ सेकंड की नींद लेने पर भी इसका संतुलन नहीं बिगड़ता। (Photo Source: Pexels) -
2- बत्तख
बत्तख भी अपने अनोखे सोने के तरीके के लिए जानी जाती हैं। कई तरह की बत्तखों में एक अनोखी क्षमता होती है। वे एक समय में अपने दिमाग के सिर्फ एक हिस्से को सुलाते हैं, जबकि दूसरा हिस्सा पूरी तरह जागता रहता है। इस दौरान एक आंख खुली रहती है, जिससे वे आसपास के शिकारियों पर नजर रखते हैं। (Photo Source: Pexels) -
3- समुद्री ऊदबिलाव
समुद्री ऊदबिलाव यानी सी ओटर अक्सर समुद्र में पानी की सतह पर पीठ के बल तैरते हुए सोते हैं। तेज लहरों में एक-दूसरे से दूर न बह जाएं, इसलिए वे अक्सर अपने पंजे पकड़ लेते हैं या समुद्री घास में खुद को लपेट लेते हैं। इससे वे एक जगह टिके रहते हैं और अन्य सदस्य भी साथ बने रहते हैं। (Photo Source: Pexels) -
4- स्पर्म व्हेल
दुनिया में सबसे अनोखे तरीके से सोने वाले जानवरों में से एक स्पर्म व्हेल भी है। यह लगभग बिना हिले-डुले पानी में सीधी खड़ी होकर सोती है और सिर पानी की सतह की ओर रहता है। इसकी यह झपकी आमतौर पर 20 मिनट से भी कम समय की होती है और यह पानी की सतह के पास ही आराम करती है। (Photo Source: Pexels) -
5- कछुए
मीठे पानी में पाए जाने वाले कुछ कछुए सर्दियों में अनोखे तरीके से सांस लेने के लिए जाने जाते हैं। ऑस्ट्रेलिया के फिट्जरॉय रिवर टर्टल और मरे रिवर टर्टल जैसे कुछ मीठे पानी के कछुए सर्दियों में लंबे समय तक पानी के अंदर ही हाइबरनेशन (शीतनिद्रा) में रहते हैं। इस दौरान उनके शरीर की गतिविधियां बहुत धीमी हो जाती हैं। उन्हें जितनी ऑक्सीजन की जरूरत होती है, उसका बड़ा हिस्सा वे शरीर के पिछले हिस्से में मौजूद विशेष थैलियों के जरिए पानी से ही प्राप्त कर लेते हैं। इसे क्लोएकल रेस्पिरेशन कहा जाता है। यानी की शरीर के पिछले हिस्से से सांस लेते हैं। इसी वजह से ये कछुए की हफ्तों या महीनों तक बिना पानी की सतह पर आए जीवित रह सकते हैं। (Photo Source: Pexels)
Also Read: 7 सबसे जहरीले पक्षी, पंख और शरीर में होता है घातक जहर