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मच्छरों से बचाव के लिए ज्यादातर घरों में लिक्विड मच्छर भगाने वाले उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। ये उत्पाद रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, इसलिए अक्सर लोग इन्हें पूरी तरह सुरक्षित मान लेते हैं। लेकिन छोटे बच्चों वाले घरों में इनका इस्तेमाल अतिरिक्त सावधानी के साथ किया जाना चाहिए। हाल ही में 19 माह का एक बच्चा मच्छर भगाने वाले लिक्विड रीफिल का तरल पदार्थ निगल लेने के बाद गंभीर रूप से बीमार हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। (Photo Source: Pixabay)
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बच्चे के साथ हुई गंभीर घटना ने इस बात को फिर से उजागर किया है कि घरेलू कीटनाशक और मच्छर भगाने वाले उत्पाद बच्चों के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसी दुर्घटनाएं कुछ ही सेकंड में हो सकती हैं और इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। (Photo Source: Pexels)
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क्यों खतरनाक हो सकता है मच्छर भगाने वाला लिक्विड?
मच्छर भगाने वाले लिक्विड में मौजूद रसायन यदि गलती से निगल लिए जाएं या सांस के साथ फेफड़ों तक पहुंच जाएं, तो यह फेफड़ों में सूजन, सांस लेने में गंभीर परेशानी, ऑक्सीजन की कमी और संक्रमण जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। छोटे बच्चों में यह स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है क्योंकि उनका शरीर और श्वसन तंत्र अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता। (Photo Source: Pexels) -
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
सर गंगा राम अस्पताल के पीडियाट्रिक पल्मोनोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. धीरेन गुप्ता के अनुसार, मच्छर भगाने वाले लिक्विड का फेफड़ों में पहुंच जाना बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में केमिकल न्यूमोनाइटिस, एस्पिरेशन न्यूमोनिया और एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) जैसी गंभीर स्थितियां विकसित हो सकती हैं। (Photo Source: Pexels) -
डॉ. गुप्ता बताते हैं कि कई बार माता-पिता यह मान लेते हैं कि रीफिल की बोतलें और उनके ढक्कन पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन यदि किसी उत्पाद में फिटिंग, ढक्के या इलेक्ट्रोड से जुड़ी कोई तकनीकी समस्या हो, तो दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए इन उत्पादों की नियमित जांच करना जरूरी है। (Photo Source: Pexels)
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एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि घर में मौजूद मच्छर भगाने वाले उत्पाद, कीटनाशक और सफाई में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर रखने चाहिए। साथ ही किसी भी उपकरण में रिसाव, ढीले हिस्से या टूट-फूट दिखाई दे तो उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए। (Photo Source: Pixabay)
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छोटे बच्चों के साथ क्यों बढ़ जाता है जोखिम?
18 महीने से 3 साल तक की उम्र के बच्चे आसपास की चीजों को छूकर और मुंह में डालकर उन्हें समझने की कोशिश करते हैं। यही जिज्ञासा कभी-कभी दुर्घटनाओं का कारण बन जाती है। बच्चे कुर्सी, स्टूल या अन्य सामान की मदद से उन जगहों तक भी पहुंच सकते हैं जिन्हें बड़े लोग सुरक्षित समझते हैं। (Photo Source: Pexels) -
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
मच्छर भगाने वाले लिक्विड रीफिल और उनसे जुड़े उपकरणों को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। उपयोग करने से पहले उपकरण की फिटिंग और ढक्कन की अच्छी तरह जांच कर लें तथा यदि उसमें किसी प्रकार की टूट-फूट, ढीलापन या रीफिल से रिसाव दिखाई दे तो उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें और रीफिल बदल दें। अतिरिक्त रीफिल पैक को हमेशा बंद अलमारी में सुरक्षित रखें और उपयोग न होने पर उपकरण को अनप्लग कर दें। साथ ही बच्चों को ऐसे उपकरणों से दूर रहने की आदत सिखाएं। (Photo Source: Pexels) -
अगर बच्चा गलती से लिक्विड निगल ले तो क्या करें?
यदि आपको संदेह हो कि बच्चे ने मच्छर भगाने वाला लिक्विड निगल लिया है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चे को जबरदस्ती उल्टी कराने की कोशिश न करें। यदि उसे खांसी, सांस लेने में परेशानी, उल्टी, सुस्ती या बेचैनी महसूस हो रही हो तो बिना देरी किए अस्पताल पहुंचें। (Photo Source: Pexels) -
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
एक्सपर्ट्स का मानना है कि घर में मौजूद सामान्य दिखने वाले उत्पाद भी बच्चों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसलिए केवल उत्पाद का उपयोग करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी सुरक्षा जांच और सही तरीके से स्टोर करना भी उतना ही जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी बच्चों को गंभीर दुर्घटनाओं से बचा सकती है। (Photo Source: Pexels)
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