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आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक थकान आम हो गई है। ऐसे में कई बार डिप्रेशन के लक्षण सामने होने के बावजूद लोग उन्हें सामान्य थकान या मूड स्विंग समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय रहते डिप्रेशन को पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह केवल मानसिक ही नहीं, बल्कि शारीरिक और सामाजिक जीवन को भी गहराई से प्रभावित करता है। आइए जानते हैं डिप्रेशन के 8 ऐसे अहम लक्षण, जिन पर ध्यान देना जरूरी है। (Photo Source: Pexels)
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छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन और गुस्सा
डिप्रेशन केवल उदासी तक सीमित नहीं रहता। कई बार यह अत्यधिक चिड़चिड़ेपन, गुस्से और बिना वजह झुंझलाहट के रूप में सामने आता है। मामूली बातों पर गुस्सा आना या लोगों से बार-बार उलझ जाना इसका संकेत हो सकता है। (Photo Source: Pexels) -
लगातार थकान और ऊर्जा की कमी
अगर पर्याप्त नींद लेने के बावजूद हर समय थकान महसूस हो रही है और रोजमर्रा के काम बोझ लगने लगे हैं, तो यह डिप्रेशन का लक्षण हो सकता है। इसमें व्यक्ति खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से खाली महसूस करता है। (Photo Source: Pexels) -
ध्यान लगाने और फैसले लेने में परेशानी
डिप्रेशन व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करता है। काम या पढ़ाई में ध्यान न लगना, बार-बार भूलना या छोटे फैसले लेने में भी दिक्कत होना इसके संकेत हो सकते हैं। (Photo Source: Pexels) -
लंबे समय तक उदासी या खालीपन महसूस होना
अगर उदासी कुछ दिनों की बजाय हफ्तों या महीनों तक बनी रहे और अंदर से खालीपन महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह सामान्य दुख से अलग और कहीं ज्यादा गहरा होता है। (Photo Source: Pexels) -
पसंदीदा चीजों में रुचि खत्म होना
डिप्रेशन में व्यक्ति उन गतिविधियों से भी दूरी बनाने लगता है, जो कभी उसे खुशी देती थीं। शौक, दोस्तों से मिलना, बाहर घूमना या रोजमर्रा के कामों में भी मन न लगना इसका साफ संकेत है। (Photo Source: Pexels) -
भूख और वजन में बदलाव
डिप्रेशन का असर खाने की आदतों पर भी पड़ता है। कुछ लोग जरूरत से ज्यादा खाने लगते हैं, तो कुछ की भूख लगभग खत्म हो जाती है। इसके कारण बिना कोशिश के वजन बढ़ना या घटना देखने को मिलता है। (Photo Source: Pexels) -
नींद से जुड़ी समस्याएं
डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों को या तो नींद नहीं आती (इंसोम्निया) या फिर जरूरत से ज्यादा नींद आती है (हाइपरसोम्निया)। दोनों ही स्थितियां मानसिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होती हैं। (Photo Source: Pexels) -
नकारात्मक सोच और भविष्य को लेकर निराशा
खुद को बेकार समझना, बार-बार अपराधबोध महसूस करना, भविष्य को लेकर निराश होना या यह लगना कि हालात कभी नहीं सुधरेंगे, ये सभी डिप्रेशन के गंभीर संकेत हैं। (Photo Source: Pexels) -
क्यों जरूरी है समय पर पहचान?
डिप्रेशन कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसका इलाज संभव है। अगर इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो यह व्यक्ति के रिश्तों, करियर और शारीरिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। (Photo Source: Pexels) -
क्या करें?
अगर खुद में या किसी करीबी में ये लक्षण लगातार दिखें, तो खुलकर बात करना और एक्सपर्ट की मदद लेना बेहद जरूरी है। समय पर सही कदम उठाने से डिप्रेशन से उबरना संभव है। (Photo Source: Pexels)
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