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भारत में कई ऐसे हिल स्टेशन हैं जहां लोग बादलों को दूर पहाड़ों के ऊपर तैरते हुए देखने जाते हैं। लेकिन कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहां बादल सिर्फ आसमान में नहीं रहते, बल्कि सड़कों, घरों और जंगलों के बीच उतर आते हैं। यहां मौसम हर कुछ मिनट में बदल जाता है। एक पल सामने घाटी दिखाई देती है और अगले ही पल पूरा नजारा सफेद धुंध में गायब हो जाता है। आइए जानते हैं भारत के उन खूबसूरत शहरों के बारे में, जहां आप बादलों के बीच चलने का अनोखा अनुभव ले सकते हैं। (Photo Source: Pexels)
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दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल
दार्जिलिंग का नाम आते ही चाय के बागान, खिलौना ट्रेन और धुंध से ढकी पहाड़ियां याद आती हैं। यहां मौसम इतना बदलता रहता है कि कभी कंचनजंगा की चोटियां साफ दिखाई देती हैं और कभी कुछ मीटर आगे तक भी नजर नहीं आता। चौरस्ता में सैर, चाय बागानों की यात्रा और गर्म चाय के साथ बादलों का नजारा दार्जिलिंग की खास पहचान है। (Photo Source: Pexels) -
कोडाइकनाल, तमिलनाडु
तमिलनाडु का प्रसिद्ध हिल स्टेशन कोडाइकनाल अपने मनमोहक मौसम के लिए जाना जाता है। यहां का कोकर्स वॉक ऐसा स्थान है जहां पर्यटक सचमुच बादलों के बीच चलने का अनुभव कर सकते हैं। कोडाई लेक, पिलर रॉक्स और शोल वन बारिश के मौसम में बादलों और धुंध से घिरे रहते हैं, जो इस जगह की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं। (Photo Source: Pexels) -
महाबलेश्वर, महाराष्ट्र
पश्चिमी घाट की गोद में बसा महाबलेश्वर मानसून के दौरान बादलों की दुनिया में बदल जाता है। यहां कई बार दृश्यता केवल कुछ मीटर तक सीमित रह जाती है। वेन्ना झील के किनारे टहलना, बारिश के बीच गरमा-गरम चाय और भुट्टे का स्वाद लेना पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव देता है। (Photo Source: Pexels) -
मावसिनराम, मेघालय
शिलांग से लगभग 61 किलोमीटर दूर स्थित मावसिनराम दुनिया का सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान माना जाता है। यहां बादल पहाड़ियों के ऊपर नहीं, बल्कि सीधे सड़कों, खेतों और घरों तक पहुंच जाते हैं। मानसून के दौरान घना कोहरा कुछ ही सेकंड में पूरे इलाके को ढक लेता है। लगातार बरसती बारिश, अचानक दिखाई देने वाले झरने और बादलों में गायब होती पहाड़ियां इस जगह को बेहद खास बनाती हैं। यहां आने वाले पर्यटक क्रेम पुरी गुफा और बांग्लादेश की सीमा के सुंदर नजारों का आनंद ले सकते हैं। (Photo Source: Pexels) -
मसूरी, उत्तराखंड
मानसून में मसूरी ऐसा लगता है मानो पूरा शहर बादलों के बीच बसा हो। दून घाटी से उठते बादल सीधे मॉल रोड और लैंडौर की सड़कों तक पहुंच जाते हैं। बारिश के बाद चीड़ के पेड़ों की खुशबू, ठंडी हवाएं और धुंध से घिरी सड़कें यहां आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। केम्प्टी फॉल्स और लैंडौर के शांत कैफे यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। (Photo Source: Pexels) -
पचमढ़ी, मध्य प्रदेश
सतपुड़ा की पहाड़ियों में बसा पचमढ़ी मध्य भारत का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। मानसून के दौरान यहां के जंगल, झरने और घाटियां बादलों से घिर जाती हैं। साल के घने जंगलों और बलुआ पत्थर की पहाड़ियों के बीच तैरते बादल इस जगह को बेहद शांत और मनमोहक बना देते हैं। बी फॉल, धूपगढ़ और प्राचीन गुफाएं यहां घूमने की प्रमुख जगहें हैं। (Photo Source: Pexels) -
शिलांग, मेघालय
मानसून के मौसम में शिलांग की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। चीड़ के जंगलों से घिरी पहाड़ियां, धुंध में लिपटी सड़कें और बादलों से घिरे कैफे किसी सपनों की दुनिया जैसे लगते हैं। अपर शिलांग और लैतकोर जैसे इलाकों में बारिश के दौरान सड़कें अक्सर घने कोहरे में गायब हो जाती हैं। यहां शिलांग पीक, एलीफेंट फॉल्स और उमियम झील जैसी जगहें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। (Photo Source: Pexels) -
सोहरा (चेरापूंजी), मेघालय
सोहरा, जिसे पहले चेरापूंजी के नाम से जाना जाता था, भारत के सबसे खूबसूरत मानसूनी स्थलों में से एक है। शिलांग से यहां तक का सफर ही एक यादगार अनुभव बन जाता है क्योंकि रास्ते में घने बादलों की चादर सड़क को ढक लेती है। यहां के प्रसिद्ध नोहकालिकाई फॉल्स, जीवित जड़ पुल (लिविंग रूट ब्रिज) और बांग्लादेश की ओर खुलते भव्य दृश्य बादलों के बीच और भी आकर्षक लगते हैं। (Photo Source: Pexels)
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