-
एक समय था जब भारतीय घरों में बनने वाले कई ट्रेडिशनल फूड्स को बेहद सामान्य और पुराना मानकर नजरअंदाज कर दिया गया था। लोग आधुनिक और पैकेज्ड फूड की ओर आकर्षित होने लगे, जबकि दादी-नानी की रसोई में मौजूद सरल और पौष्टिक चीजें धीरे-धीरे पीछे छूटती गईं। लेकिन अब फूड ट्रेंड्स ने फिर करवट ली है। वही देसी खानपान, जो कभी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था, आज ‘सुपरफूड’, ‘गट-फ्रेंडली’, ‘क्लीन ईटिंग’ और ‘नेचुरल न्यूट्रिशन’ जैसे नए नामों के साथ वापस लौट रहा है। आइए जानते हैं ऐसे 7 खाद्य पदार्थों के बारे में, जिन्हें भारतीय दादा-दादी नियमित रूप से खाते थे और जो अब फिर से लोकप्रिय हो रहे हैं। (Photo Source: Pexles)
-
मिलेट्स
आज मिलेट्स को सुपरग्रेन कहा जाता है, लेकिन भारतीय घरों में बाजरा, ज्वार, रागी और कोदो जैसे अनाज सदियों से भोजन का हिस्सा रहे हैं। इनसे रोटियां, दलिया और खिचड़ी बनाई जाती थी, जो लंबे समय तक पेट भरा रखती थीं और ऊर्जा देती थीं। बाद में सफेद चावल और मैदे ने इन्हें पीछे कर दिया, लेकिन अब लोग इनके फाइबर, मिनरल्स और ब्लड शुगर को संतुलित रखने वाले गुणों के कारण फिर इन्हें अपना रहे हैं। (Photo Source: Pexles) -
दही
भारतीय भोजन में दही हमेशा से एक जरूरी हिस्सा रहा है। चाहे खाने के साथ एक कटोरी दही हो, चावल में मिलाकर खाया जाए या छाछ के रूप में पिया जाए, यह शरीर को ठंडक देने और पाचन सुधारने के लिए इस्तेमाल होता था। अब इसे प्रोबायोटिक फूड के रूप में जाना जा रहा है, जो गट हेल्थ और इम्यूनिटी के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। (Photo Source: Pexles) -
घी
घी भारतीय रसोई की शान रहा है। रोटी, दाल, चावल और मिठाइयों में इसका इस्तेमाल आम बात थी। हालांकि कुछ समय के लिए इसे अनहेल्दी समझा जाने लगा, लेकिन अब यह फिर से सम्मान के साथ वापसी कर चुका है। सीमित मात्रा में घी को पाचन, ऊर्जा और शरीर की ताकत बढ़ाने वाला माना जा रहा है। दादा-दादी के लिए यह सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि पोषण का प्रतीक था। (Photo Source: Pexles) -
घर की बनी चटनियां और मसाले
नारियल, पुदीना, मूंगफली, टमाटर और लहसुन की चटनियां भारतीय भोजन का अहम हिस्सा थीं। साथ ही अजवाइन, जीरा, मेथी, हल्दी और काली मिर्च जैसे मसाले सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य लाभ के लिए भी इस्तेमाल किए जाते थे। आज लोग फिर समझ रहे हैं कि ये छोटे-छोटे देसी तत्व खाने को स्वादिष्ट और पौष्टिक दोनों बनाते हैं। (Photo Source: Pexles) -
फर्मेंटेड फूड्स
इडली, डोसा, ढोकला, कांजी और अचार जैसे कई भारतीय व्यंजन पारंपरिक रूप से फर्मेंटेड होते हैं। आज दुनिया भर में फर्मेंटेड फूड्स को गट हेल्थ के लिए बेहतरीन माना जा रहा है, लेकिन भारतीय रसोई में ये सदियों से बनते आ रहे हैं। ये न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं। (Photo Source: Pexles) -
गुड़
चीनी के प्रचलन से पहले भारतीय रसोई में मिठास का मुख्य स्रोत गुड़ हुआ करता था। दादी-नानी इसे दूध में मिलाकर, मिठाइयों में डालकर या भोजन के बाद खाने के लिए देती थीं। आज गुड़ को रिफाइंड शुगर के हेल्दी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इसका देसी स्वाद और प्राकृतिक मिठास लोगों को फिर अपनी ओर आकर्षित कर रही है। (Photo Source: Pexles) -
मखाना
मखाना पहले अक्सर व्रत के दौरान या हल्के नाश्ते के रूप में खाया जाता था। दादी इसे घी और हल्के मसालों के साथ भूनकर खिलाती थीं। आज यही मखाना आकर्षक पैकेजिंग में ‘हेल्दी स्नैक’ बनकर बाजार में उपलब्ध है। हाई प्रोटीन और लो फैट होने के कारण यह फिटनेस पसंद लोगों की पहली पसंद बन गया है। (Photo Source: Pexles)
(यह भी पढ़ें: रोज की साधारण इडली से हटकर बनाएं ये 10 हेल्दी वैरायटी, रखेंगी आपको फिट और बच्चों को भी आएंगी पसंद)