-
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हेल्दी खाना चुनना कई लोगों के लिए चुनौती बन गया है। अक्सर हम जानते हैं कि क्या खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, फिर भी चिप्स, मिठाइयों और जंक फूड की ओर आकर्षित हो जाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि हमारे खाने के फैसले सिर्फ भूख से नहीं, बल्कि हमारे दिमाग और आसपास के माहौल से भी प्रभावित होते हैं। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि कुछ आसान बदलाव करके आप अपने दिमाग को हेल्दी खाने के लिए प्रशिक्षित कर सकते हैं। (Photo Source: Pexels)
-
हेल्दी स्नैक्स को सामने रखें
हमारी आंखें अक्सर हमारे पेट से पहले फैसला कर लेती हैं। रंग-बिरंगे और आकर्षक पैकेजिंग वाले स्नैक्स तुरंत ध्यान खींचते हैं, जिससे उन्हें खाने की इच्छा बढ़ सकती है। इसलिए बिस्कुट, चिप्स और मिठाइयों को अपारदर्शी डिब्बों में रखें और फलों, मेवों या अन्य हेल्दी स्नैक्स को ऐसी जगह रखें जहां वे आसानी से दिखाई दें। (Photo Source: Pexels) -
खाने को आकर्षक तरीके से परोसें
कहा जाता है कि हम सबसे पहले आंखों से खाना खाते हैं। रंग-बिरंगी सब्जियों, सलाद और फलों से सजी हुई प्लेट न केवल देखने में अच्छी लगती है, बल्कि हेल्दी भोजन को अधिक स्वादिष्ट और संतोषजनक भी बनाती है। साधारण भोजन को भी सुंदर तरीके से सजाकर परोसने से उसे खाने की इच्छा बढ़ सकती है। (Photo Source: Pexels) -
कम कैलोरी में ज्यादा मात्रा वाला भोजन चुनें
अधिकांश लोग भोजन की मात्रा देखकर संतुष्टि महसूस करते हैं, न कि केवल कैलोरी गिनकर। इसलिए अपनी प्लेट में सब्जियां, सलाद, फल और अन्य कम कैलोरी लेकिन ज्यादा मात्रा वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें। इससे पेट भरा हुआ महसूस होगा और अतिरिक्त कैलोरी लेने से बचाव होगा। (Photo Source: Pexels) -
भारी प्लेट और कटोरियों का इस्तेमाल करें
शोध बताते हैं कि भारी बर्तन या कटोरी में परोसा गया भोजन लोगों को अधिक संतोषजनक महसूस हो सकता है। इससे खाने के बाद तृप्ति का एहसास बढ़ता है और जरूरत से ज्यादा खाने की संभावना कम हो सकती है। (Photo Source: Pexels) -
भोजन करते समय धीमा संगीत सुनें
आपके खाने का माहौल भी खाने की आदतों को प्रभावित करता है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, धीमा और शांत संगीत लोगों को धीरे-धीरे खाने के लिए प्रेरित करता है। धीरे खाने से शरीर को पेट भरने का संकेत देने का समय मिलता है, जिससे कुल कैलोरी सेवन कम हो सकता है। (Photo Source: Pexels) -
‘डेजर्ट स्टमक’ के भ्रम से बचें
क्या आपने कभी महसूस किया है कि खाना खाने के बाद पेट भर जाता है, लेकिन मिठाई के लिए फिर भी जगह बची रहती है? दरअसल, मिठाइयों को देखना या उनकी खुशबू महसूस करना दिमाग में लालसा पैदा कर सकता है, भले ही आपको भूख न हो। इसलिए मिठाई खाने से पहले खुद से पूछें, ‘क्या मुझे सच में भूख लगी है या मैं सिर्फ लालच में आ गया हूं?’ (Photo Source: Pexels) -
सुपरमार्केट में सिर्फ आंखों के स्तर वाली चीजें न खरीदें
दुकानदार जानते हैं कि आंखों के स्तर पर रखे गए उत्पाद सबसे ज्यादा बिकते हैं। यही कारण है कि कई बार प्रोसेस्ड और महंगे उत्पाद सामने रखे जाते हैं। अगली बार खरीदारी करते समय ऊपर और नीचे की शेल्फ भी देखें। वहां आपको अधिक हेल्दी और किफायती विकल्प मिल सकते हैं। (Photo Source: Pexels)
(यह भी पढ़ें: कुछ अलग खाने का है मन? ट्राई करें साउथ इंडियन रॉ मैंगो राइस रेसिपी)