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मानसून का मौसम पौधों के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। बारिश, ठंडी हवा और पर्याप्त नमी की वजह से पौधों की बढ़वार तेज होती है। लेकिन यही मौसम नए होम गार्डनर्स के लिए कई चुनौतियां भी लेकर आता है। थोड़ी-सी लापरवाही पौधों में जड़ सड़ने, फंगस लगने या कीटों के हमले जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। अगर आप भी इस बारिश के मौसम में अपने घर की बालकनी, छत या गार्डन को हरा-भरा रखना चाहते हैं, तो इन 7 आम गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। (Photo Source: Gemini Generated Image
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जरूरत से ज्यादा पानी देना
बारिश के मौसम में सबसे आम गलती पौधों को अतिरिक्त पानी देना है। लगातार बारिश होने पर गमलों की मिट्टी पहले से ही नम रहती है। ऐसे में बिना जांचे पानी देने से जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और वे सड़ने लगती हैं।
क्या करें?
पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी 2–3 सेंटीमीटर परत जांचें। अगर मिट्टी नम है तो पानी न दें। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें। (Photo Source: Pexels) -
खराब ड्रेनेज को नजरअंदाज करना
अगर गमले में पानी निकलने का सही इंतजाम नहीं है तो बारिश का पानी जमा होकर पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। लंबे समय तक पानी भरा रहने से रूट रॉट की समस्या बढ़ जाती है।
क्या करें?
गमलों के ड्रेनेज होल साफ रखें। गमलों को स्टैंड पर रखें ताकि पानी आसानी से निकल सके। मिट्टी में रेत, कोकोपीट या परलाइट मिलाएं। (Photo Source: Pexels) -
फंगस और कीटों पर ध्यान न देना
मानसून में नमी बढ़ने से फंगस, पाउडरी मिल्ड्यू, लीफ स्पॉट, घोंघे और स्लग्स जैसी समस्याएं तेजी से फैलती हैं। अगर समय रहते इन पर ध्यान नहीं दिया जाए तो पूरा पौधा प्रभावित हो सकता है।
क्या करें?
संक्रमित पत्तियों को तुरंत हटा दें। पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखें ताकि हवा का संचार बना रहे। समय-समय पर नीम आधारित स्प्रे का इस्तेमाल करें। (Photo Source: Pexels) -
गलत पौधों का चुनाव करना
हर पौधा बारिश के मौसम को समान रूप से पसंद नहीं करता। सक्युलेंट्स, कैक्टस और कुछ हर्ब्स लगातार नमी सहन नहीं कर पाते। इन्हें खुले में रखने से इनके खराब होने की संभावना बढ़ जाती है।
क्या करें?
फर्न, हिबिस्कस, कोलोकेसिया और नमी पसंद करने वाले पौधे खुले स्थान पर रखें। सक्युलेंट्स और कैक्टस को बारिश से सुरक्षित और रोशनी वाली जगह पर रखें। (Photo Source: Pexels) -
पौधों की छंटाई न करना
कई लोग सोचते हैं कि बारिश में पौधों को बढ़ने देना ही बेहतर है, लेकिन बहुत अधिक घनी पत्तियां नमी को रोककर फंगस और कीटों को बढ़ावा देती हैं।
क्या करें?
सूखी, कमजोर और आपस में उलझी शाखाओं की हल्की छंटाई करें। इससे हवा का प्रवाह बेहतर होगा और पौधे अधिक स्वस्थ रहेंगे। (Photo Source: Pexels) -
तेज हवा से पौधों को सुरक्षित न रखना
मानसून में तेज हवाएं बालकनी और टैरेस गार्डन के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। बड़े गमले गिर सकते हैं और कमजोर शाखाएं टूट सकती हैं।
क्या करें?
रेलिंग वाले गमलों को अच्छी तरह बांधकर रखें। लंबे पौधों के लिए भारी गमलों का इस्तेमाल करें। जरूरत पड़ने पर नाजुक पौधों को सुरक्षित स्थान पर रख दें। (Photo Source: Pexels) -
मिट्टी को पूरी तरह कीचड़ बनने देना
लगातार बारिश के कारण मिट्टी सख्त और चिपचिपी हो जाती है। इससे जड़ों तक हवा नहीं पहुंच पाती और पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है।
क्या करें?
मानसून शुरू होने से पहले मिट्टी में कम्पोस्ट, पत्ती की खाद और कोको चिप्स जैसी जैविक सामग्री मिलाएं। भारी बारिश के बाद मिट्टी की ऊपरी परत को हल्के हाथों से ढीला करें ताकि हवा का संचार बना रहे। (Photo Source: Pexels)
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