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आजकल की व्यस्त लाइफस्टाइल, देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल, काम का बढ़ता तनाव और अनियमित डेली रूटीन अच्छी नींद के सबसे बड़े दुश्मन बन गए हैं। पर्याप्त नींद न मिलने से शरीर में थकान, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता की कमी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में अगर आप बिना दवा के अपनी नींद की गुणवत्ता सुधारना चाहते हैं, तो सोने से पहले कुछ आसान योगासन करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। योग एक्सपर्ट्स के अनुसार, हल्के और रिलैक्सिंग योगासन शरीर को आराम देने, तनाव कम करने और मन को शांत करने में मदद करते हैं, जिससे अच्छी नींद के लिए अनुकूल वातावरण बनता है। (Photo Source: Pexels)
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मार्जरी-बितिलासन
मार्जरी-बितिलासन रीढ़ की हड्डी को हल्के और नियंत्रित तरीके से मूवमेंट देने वाला योगासन है। इसमें सांस लेते और छोड़ते समय पीठ को बारी-बारी से ऊपर और नीचे किया जाता है। यह अभ्यास रीढ़ की अकड़न कम करने, शरीर में लचीलापन बढ़ाने और दिनभर की थकान दूर करने में मदद कर सकता है। धीमी गति से किया गया यह आसन शरीर को रिलैक्स महसूस कराता है और रात के आराम के लिए तैयार करने में सहायक माना जाता है। (Photo Source: Pexels) -
बालासन
बालासन शरीर और मन को गहरी शांति देने वाला आसान योगासन है। इस आसन में घुटनों के बल बैठकर शरीर को आगे की ओर झुकाया जाता है और माथा जमीन पर टिकाया जाता है। कुछ मिनट तक सामान्य और गहरी सांस लेते हुए इस मुद्रा में रहने से पीठ, कंधों और गर्दन की जकड़न कम हो सकती है। दिनभर की भागदौड़ के बाद यह आसन शरीर को आराम देता है और मानसिक तनाव कम करने में भी सहायक माना जाता है, जिससे सोने से पहले मन शांत महसूस कर सकता है। (Photo Source: Pexels) -
शवासन
शवासन को योग का सबसे आरामदायक आसन माना जाता है। इसमें पीठ के बल सीधा लेटकर पूरे शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दिया जाता है और ध्यान केवल सांसों पर केंद्रित किया जाता है। यह आसन शरीर और मन दोनों को गहरी रिलैक्सेशन देने में मदद करता है। यदि सोने से पहले 5-10 मिनट तक शवासन किया जाए, तो तनाव कम हो सकता है और अच्छी नींद आने में सहायता मिल सकती है। यही कारण है कि लगभग हर योग सत्र के अंत में शवासन कराया जाता है। (Photo Source: Pexels) -
विपरीत करणी
विपरीत करणी एक बेहद आरामदायक योगासन है, जिसमें दीवार के सहारे पैरों को ऊपर उठाकर पीठ के बल लेटा जाता है। लंबे समय तक खड़े रहने, चलने या बैठकर काम करने से पैरों में होने वाली थकान और भारीपन को कम करने में यह आसन मददगार माना जाता है। इस दौरान शरीर धीरे-धीरे रिलैक्स होने लगता है और तनाव कम महसूस हो सकता है। सोने से पहले 5-10 मिनट तक इस मुद्रा में सामान्य गति से सांस लेने से आराम का अनुभव हो सकता है। (Photo Source: Pexels) -
सुप्त बद्ध कोणासन
इस आसन में पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाया जाता है और घुटनों को दोनों ओर ढीला छोड़ दिया जाता है। यह मुद्रा कूल्हों, जांघों और कमर के आसपास की मांसपेशियों को आराम देने में मदद कर सकती है। यदि इसे धीमी और गहरी सांसों के साथ किया जाए, तो मन शांत होने लगता है और शरीर नींद के लिए तैयार महसूस कर सकता है। यह योगासन दिनभर के तनाव को कम करने के लिए भी उपयोगी माना जाता है। (Photo Source: Pexels) -
पश्चिमोत्तानासन
पश्चिमोत्तानासन में पैरों को सामने फैलाकर बैठा जाता है और धीरे-धीरे आगे की ओर झुकते हुए हाथों से पैरों को पकड़ने की कोशिश की जाती है। इस दौरान पीठ और हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव आता है, जिससे शरीर रिलैक्स महसूस कर सकता है। कई लोगों के लिए यह आसन मानसिक तनाव कम करने और मन को शांत करने में मददगार साबित होता है। हालांकि, इसे करते समय कभी भी झटके से आगे नहीं झुकना चाहिए और अपनी क्षमता के अनुसार ही अभ्यास करना चाहिए। (Photo Source: Pexels) -
सोने से पहले योग करते समय रखें ये जरूरी बातें
योग हमेशा हल्के और आरामदायक तरीके से करें। सोने से पहले कठिन या तेज एक्सरसाइज करने से बचें। अभ्यास के दौरान गहरी और धीमी सांस लें। योग करने के बाद कम से कम 10-15 मिनट तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल न करें। यदि किसी आसन के दौरान दर्द या असहजता महसूस हो, तो तुरंत अभ्यास रोक दें। लंबे समय से अनिद्रा, चोट, गर्भावस्था या किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में योग शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। (Photo Source: Pexels)
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