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हॉरर सिनेमा को अक्सर भूत-प्रेत, राक्षसों और डरावनी घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इस जॉनर की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह इंसानी भावनाओं के सबसे गहरे और जटिल पहलुओं को सामने लाता है। खासकर महिलाओं के अनुभव- मातृत्व, शोक, प्रेम, महत्वाकांक्षा, स्वतंत्रता और सामाजिक दबाव हॉरर फिल्मों में बेहद प्रभावशाली तरीके से दिखाई देते हैं। ‘रोजमेरीज बेबी’ से लेकर ‘ऑब्सेशन’ तक, कई ऐसी फिल्में हैं जिन्होंने महिला पात्रों के माध्यम से डर को एक नया अर्थ दिया। आइए, उन फिल्मों पर नजर डालते हैं जिन्होंने हॉरर जॉनर के जरिए महिलाओं के अनुभवों को यादगार बना दिया। (Stills From Films)
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Black Swan (2010)
डैरेन एरोनोफ्स्की की इस साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म में नताली पोर्टमैन एक बैले डांसर की भूमिका निभाती हैं, जो परफेक्शन की तलाश में खुद को खोने लगती है। महत्वाकांक्षा, मानसिक दबाव और शरीर के प्रति असुरक्षा को फिल्म बेहद प्रभावशाली तरीके से दिखाती है। इस भूमिका के लिए पोर्टमैन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का ऑस्कर भी मिला था। (Still From Film) -
Carrie (1976)
स्टीफन किंग के उपन्यास पर आधारित ‘कैरी’ एक एसी लड़की की कहानी है, जिसे लगातार प्रताड़ित किया जाता है। सिसी स्पेसक द्वारा निभाया गया यह किरदार टेलीकिनेटिक शक्तियों का उपयोग करके अपने उत्पीड़कों से बदला लेता है। यह फिल्म किशोरावस्था, सामाजिक बहिष्कार और महिला क्रोध की पावरफुल एक्सप्रेशन मानी जाती है। (Still From Film) -
Hereditary (2018)
निर्देशक एरी एस्टर की पहली फीचर फिल्म ‘हेरेडिटरी’ आधुनिक हॉरर की सबसे चर्चित फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म में टोनी कोलेट एक ऐसी मां की भूमिका निभाती हैं जो परिवार में हुई एक मृत्यु के बाद मानसिक और भावनात्मक रूप से टूटने लगती है। उनका अभिनय इतना प्रभावशाली था कि आज भी इसे ऑस्कर में नजरअंदाज किए जाने को बड़ी चूक माना जाता है। यह फिल्म शोक, पारिवारिक रहस्यों और मेंटल ब्रेकडाउन को बेहद डरावने अंदाज में पेश करती है। (Still From Film) -
Jennifer’s Body (2009)
मेगन फॉक्स स्टारर यह फिल्म रिलीज के समय ज्यादा सराही नहीं गई थी, लेकिन बाद में इसे एक कल्ट क्लासिक का दर्जा मिला। कहानी एक हाई स्कूल चीयरलीडर की है, जो एक दुष्ट शक्ति के प्रभाव में आकर अपने पुरुष सहपाठियों का शिकार करने लगती है। यह फिल्म महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन और शक्ति संतुलन पर तीखा व्यंग्य करती है। (Still From Film) -
Obsession (2026)
हाल के वर्षों की चर्चित हॉरर फिल्मों में शामिल ‘ऑब्सेशन’ में इंडे नवारेटे निक्की नाम की महिला का किरदार निभाती हैं, जिसकी जिंदगी एक जुनूनी प्रेम के कारण भयावह मोड़ ले लेती है। फिल्म प्रेम, अकेलेपन और किसी की कल्पना का हिस्सा बन जाने के डर को केंद्र में रखती है। यह दिखाती है कि बिना सहमति का प्रेम किस तरह एक डरावने अनुभव में बदल सकता है। (Still From Film) -
Pearl (2022)
मिया गॉथ अभिनीत ‘ब्लैक स्वान’ एक ऐसी युवती की कहानी है जो कलाकार बनने का सपना देखती है, लेकिन असफलता और अकेलापन उसे हिंसक रास्ते पर ले जाते हैं। फिल्म महत्वाकांक्षा और निराशा के खतरनाक मेल को दर्शाती है। मिया गॉथ का प्रदर्शन इस दशक के बेहतरीन हॉरर एक्टिंग में गिना जाता है। (Still From Film) -
Rosemary’s Baby (1968)
हॉरर इतिहास की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में शामिल ‘रोजमेरीज बेबी’ एक गर्भवती महिला की कहानी है, जिसे धीरे-धीरे एहसास होता है कि उसकी गर्भावस्था सामान्य नहीं है। मिया फैरो का अभिनय और फिल्म का लगातार बढ़ता तनाव इसे आज भी प्रासंगिक बनाता है। यह फिल्म महिला शरीर पर नियंत्रण और विश्वासघात जैसे विषयों को गहराई से छूती है। (Still From Film) -
Suspiria (2019)
डारियो अर्जेंटो की क्लासिक फिल्म के रीमेक ‘सस्पीरिया’ में डकोटा जॉनसन एक डांस अकादमी में पहुंचती हैं, जहां रहस्यमयी और भयावह घटनाएं घटती हैं। फिल्म सत्ता, महिला समुदाय और इन्स्टिट्यूशनल वायलेंस जैसे विषयों को हॉरर के माध्यम से प्रस्तुत करती है। टिल्डा स्विंटन का दमदार परफॉरमेंस इसकी खासियत है। (Still From Film) -
The Babadook (2014)
जेनिफर केंट द्वारा निर्देशित इस फिल्म में एसी डेविस एक ऐसी विधवा मां का किरदार निभाती हैं, जिसका बेटा एक रहस्यमयी राक्षस के अस्तित्व पर विश्वास करने लगता है। हालांकि सतह पर यह एक मॉन्स्टर फिल्म लगती है, लेकिन वास्तव में यह दुख, अकेलेपन और सिंगल मदरहुड की कहानी है। ‘द बाबादुक’ दिखाती है कि कभी-कभी सबसे बड़ा राक्षस हमारे भीतर छिपा होता है। (Still From Film) -
The Witch (2015)
1630 के दशक के न्यू इंग्लैंड की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म एक प्यूरिटन परिवार की कहानी है, जिसे समाज से अलग कर दिया जाता है। धीरे-धीरे परिवार अपनी बड़ी बेटी पर जादू-टोना करने का संदेह करने लगता है। अन्या टेलर-जॉय की पहली बड़ी भूमिका वाली यह फिल्म महिला स्वतंत्रता, धार्मिक कट्टरता और पितृसत्तात्मक भय को उजागर करती है। (Still From Film) -
We Need to Talk About Kevin (2011)
यह पारंपरिक हॉरर फिल्म नहीं है, लेकिन इसका भावनात्मक प्रभाव किसी भी डरावनी फिल्म से कम नहीं। टिल्डा स्विंटन एक ऐसी मां की भूमिका निभाती हैं, जो अपने बेटे द्वारा किए गए स्कूल नरसंहार के बाद अपराधबोध और सवालों से जूझती है। फिल्म मातृत्व के उन पहलुओं पर बात करती है, जिन पर समाज अक्सर खुलकर चर्चा नहीं करता। (Still From Film)
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