महेंद्र सिंह धोनी एक महान कप्तान और खिलाड़ी हैं इसमें कोई दो राय नहीं है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट व इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए जो कुछ भी किया है वो किसी से छुपा नहीं है। धोनी ने आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स को वो दर्जा दिलाया जिसे हासिल करना आसान नहीं होता और ये सब उन्होंने इस खेल के प्रति अपने समझ के दम पर हासिल किया।
धोनी ने 5 बार टीम को बनाया चैंपियन
धोनी की कप्तानी में सीएसके आईपीएल में 5 बार चैंपियन बनी और इस वक्त ये टीम इस लीग की सबसे सफल टीमों में से एक है। उन्होंने सीएसके को पहली बार साल 2010 में चैंपियन बनाया और इसके बाद ये सिलसिला जारी रहा और इस टीम ने 2011, 2018, 2021 और 2023 में फिर से चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। यही नहीं ये टीम 2008, 2012, 2013,2015 और 2019 में उप-विजेता भी रही थी। ये टीम कुल 10 बार फाइनल में पहुंच चुकी है और ये कमाल धोनी का था।
2008 से धोनी हैं सीएसके के साथ
धोनी इस टीम के साथ 2008 में जुड़े थे और तब से लेकर अब तक वो इसका अहम हिस्सा हैं। बीच में दो साल के लिए जब सीएसके को बैन किया गया था तब वो दूसरी टीम की तरफ से खेले थे। पिछले 16 साल में धोनी ने इस टीम के साथ हर उतार-चढ़ाव को झेला, सफलता की पीक तक गए तो वहीं जब टीम पहली बार आईपीएल 2025 में दसवें नंबर पर रही तब भी टीम का हिस्सा थे। यानी उन्होंने टीम के हर पहलू को बेहद करीब से देखा है और बतौर कप्तान व खिलाड़ी उसे महसूस भी किया है।
44 साल की उम्र में खेलना एक चुनौती
एमएस धोनी एक ऐसा नाम जिसके टीम में रहने से ही सीएसके की प्रतिष्ठा बढ़ जाती है और इसे सभी जानते हैं, लेकिन अब वो 44 साल के हो चुके हैं। धोनी उम्र के उस पड़ाव पर हैं जहां क्रिकेट खेलना आसान नहीं होता, लेकिन हां इसमें कोई शक नहीं है कि उनका क्रिकेट ज्ञान कमाल का है। धोनी अब सीएसके के लिए काफी कम बैटिंग करते हैं। पिछले कुछ सीजन से वो 8वें या फिर 9वें नंबर पर आते हैं और सिर्फ 10-12 गेंद ही खेल पाते हैं। किसी-किसी मैच में तो उन्हें इतना भी खेलने का मौका नहीं मिला।
धोनी नहीं रहे पहले जैसे मैच विनर
धोनी जिस तरह से पहले सीएसके के लिए बेस्ट फिनिशर थे, मैच विनर थे उनमें अब वो बात नहीं दिखती। धोनी रेगुलर क्रिकेट खेलते भी नहीं हैं सिर्फ आईपीएल ही खेलते हैं जिसका असर उनके खेल पर भी साफ तौर पर दिखता है तो एक बैटर के रूप में तो वो टीम के लिए उपयोगी नजर नहीं आते। बात रही विकेटकीपिंग की तो उसमें वो कमाल के हैं। पिछले सीजन में भी उनकी विकेटकीपिंग शानदार रही थी, लेकिन उनके घुटने की इंजरी उन्हें परेशान करती है और ये साफ तौर पर दिखता भी है।
धोनी का विकल्प टीम में मौजूद
सीएसके में अब संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी हैं जो शानदार विकेटकीपिंग कर सकते हैं यानी धोनी का विकल्प भी टीम के पास है। 44 साल के धोनी टीम में सिर्फ अपनी पूर्व उपलब्धि के दम पर टिके हुए हैं, लेकिन कब तक। एक वक्त ऐसा आता है जब आपको कहना पड़ता है कि बस और अब वो वक्त शायद आ गया है। सीएसके के पास विकल्प की कमी नहीं है और चुकी धोनी ने टीम के लिए इतना कुछ किया है तो वो मैदान के बाहर से भी टीम को सहयोग कर सकते हैं। सीएसके उन्हें अन्य जिम्मेदारी दे सकता है जिससे कि वो टीम के साथ भी बने रह सकते हैं और उनके अनुभव का फायदा टीम को मिलता भी रह सकता है।
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