बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया (BMW Group India) ने 2026 की पहली तिमाही में लगातार विकास दिखाया है। जनवरी से मार्च के बीच कंपनी की कार रजिस्ट्रेशन संख्या बढ़कर 4,944 हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 11% अधिक है, जबकि देश का लक्जरी कार मार्केट लगभग स्थिर रहा।
वाहन प्रशासन और प्रबंधन (VAHAN) के आंकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में (Q1 2026) बीएमडब्ल्यू ने रजिस्ट्रेशन में बढ़त हासिल की, वहीं मर्सिडीज-बेंज इंडिया (Mercedes-Benz India) ने इसी अवधि में लगभग स्थिरता बनाए रखी। पिछले कई सालों से मर्सिडीज-बेंज (Mercedes-Benz) भारत का सबसे बड़ा लक्जरी कार ब्रांड रहा है, लेकिन प्रतियोगिता के चलते इसका अंतर धीरे-धीरे कम हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पहली तिमाही (Q1) के आंकड़े पूरे साल के रुझान का संकेत नहीं देते, लेकिन ये आंकड़े भारत में बीएमडब्ल्यू की हालिया प्रगति को दर्शाते हैं। बीएमडब्ल्यू ने नए सेगमेंट में प्रोडक्ट लॉन्च पर ध्यान दिया और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट में भी तेजी दिखाई। पहली तिमाही (Q1)में बीएमडब्ल्यू की 1,047 इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कारें रजिस्टर हुईं, जबकि मर्सिडीज-बेंज की 241 इलेक्ट्रिक व्हीकल कारें रजिस्टर हुईं।
बीएमडब्ल्यू ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, बेहतर फाइनेंसिंग विकल्प और कोस्ट ऑफ ओनरशिप को ध्यान में रखते हुए लक्जरी कारों की पहुंच बढ़ाई है। इसके अलावा, कंपनी अब महानगरों के बाहर भी अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है, जहां लक्जरी कारों की मांग बढ़ रही है।
पहली तिमाही (Q1) के वाहन प्रशासन और प्रबंधन (VAHAN) आंकड़े यह दिखाते हैं कि भारतीय लक्जरी कार मार्केट स्थिर होने के बावजूद अधिक डायनामिक और प्रतिस्पर्धी हो रहा है।
