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WHO ने कहा-86 देशों तक पहुंच चुका है कोरोना का नया वेरिएंट, रोग की गंभीरता में वृद्धि के प्रमाण सामने आए

कोरोना वेरिएंट बी.1.1.7 अब 86 देशों में फैल चुका है। इसे पहली बार 20 सितंबर को ब्रिटेन में पाया गया था। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इस वेरिएंट के प्रसार में वृद्धि हुई है। प्रारंभिक निष्कर्षो के आधार पर कोरोना की गंभीरता में वृद्धि के कुछ प्रमाण मिले हैं।

Corona Vaccine
कोरोना वैक्सीन (फोटो सोर्सः ट्विटर/@who)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि कोरोना वेरिएंट बी.1.1.7 अब 86 देशों में फैल चुका है। इसे पहली बार 20 सितंबर को ब्रिटेन में पाया गया था। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इस वेरिएंट के प्रसार में वृद्धि हुई है। प्रारंभिक निष्कर्षो के आधार पर कोरोना की गंभीरता में वृद्धि के कुछ प्रमाण मिले हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, इससे निपटने के लिए गंभीरता के साथ रणनीति बनाने की जरूरत है।

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि 7 फरवरी तक अतिरिक्त छह देशों ने इस संस्करण के मामलों की सूचना दी है। डब्ल्यूएचओ ने मंगलवार को कहा कि ब्रिटेन की बात करें तो नए वेरिएंट का सैंपल जांच 14 दिसंबर के सप्ताह में 63 फीसदी से बढ़कर 18 जनवरी के सप्ताह में 90 फीसदी हो गया है। इनके अलावा डब्ल्यूएचओ कोरोना के दो अतिरिक्त प्रकार पर भी निगरानी कर रहा है जो सक्रिय रूप से फैल रहे हैं। इ.1.351 शुरू में दक्षिण अफ्रीका में देखा गया था और पी.1 स्ट्रेन को पहली बार ब्राजील में पाया गया। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि 7 फरवरी तक 44 देशों में इ.1.351 स्ट्रेन के मिलने की पुष्टि हुई है, जबकि 15 देशों में पी.1 स्ट्रेन पाए गए हैं।

कोरोना वायरस की शुरुआत से अब तक इसके करीब 4 हजार म्‍यूटेशन सामने आ चुके हैं। ब्रिटेन में ही इसके नए वेरिएंट का पता चला था, जो बाद में दुनिया के दूसरे देशों में भी पाया गया था। ब्रिटेन का नया वेरिएंट तेजी के साथ फैल रहा है। इसकी चपेट में ब्रिटेन पूरी तरह से आ चुका है। कोरोना वैक्‍सीन कोरोना के वेरिएंट के ऊपर असरदार साबित हो रही है, लेकिन जिस तरह से इसमें बदलाव हो रहा है ये कहना मुश्किल है कि ये आगे भी असरदार बनी रहेगी।

गौरतलब है कि एक वर्ष से अधिक समय से कोरोना महामारी से जूझ रही दुनिया में अब तक इसके मरीजों की संख्‍या 108,293,836 तक पहुंच गई है, जबकि 2,378,759 मरीजों की मौत भी हो चुकी है और 80,476,328 मरीज ठीक भी हुए हैं। बीते कई माह से विश्‍व में अमेरिका इसके मरीजों और मौतों के मामले में सबसे ऊपर है। वहीं ब्रिटेन की बात करें तो वो विश्‍व में पांचवे नंबर पर है।

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