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जब प्रशांत किशोर ने बताया, सरकारी स्कूल में हुई पढ़ाई, IIT से बचने को आ गए थे दिल्ली, कई बार ड्रॉप की पढ़ाई

एंकर ने पीके से पूछा कि पढ़ाई ड्रॉप जब करते थे तो उस समय में क्या कर रहे थे? उन्होंने कहा कि कुछ नहीं कर रहे थे एक युवा जो गलत काम कर सकता है वो सब काम कर रहे थे। साथ ही उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उसके विस्तार में मैं नहीं जाना चाहता हूं।

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर। (एक्सप्रेस, अभिनव साहा)

जाने माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर 2014 के बाद से भारतीय राजनीति में लगातार चर्चाओं में रहे हैं। उन्होंने बीजेपी, कांग्रेस, सपा, जदयू , टीएमसी जैसे कई दलों के लिए रणनीतिक बनायी है। लल्लनटॉप वेबसाइट को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनकी शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूल में हुई थी। IIT से बचने के लिए वो दिल्ली आ गए थे।

हाल ही में बंगाल में टीएमसी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले प्रशांत किशोर ने कहा था कि स्कूल के दिनों से ही उनके मैथ्स अच्छे थे। 10 वीं पास करने के बाद उन्होंने पटना साइंस कॉलेज में एडमिशन लिया था। जिसके बाद उनके पिता चाहते थे कि वो आईआईटी करें लेकिन उन्होंने अपने पिता को समझाया कि आईआईटी करने में एक साल और अधिक बर्बाद हो जाएगा। इससे अच्छा है 3 साल में ही स्नातक कर के यूपीएससी कर सकता हूं।

उन्होंने कहा कि मैंने वो परंपरागत माध्यम को नहीं अपनाया। बीच में कई बार पढ़ाई ड्रॉप भी करनी पड़ी। मैं हर दूसरे साल पढ़ाई छोड़ देता था। 12 वीं के बाद मैंने 3 साल पढ़ाई छोड़ दी। जब एंकर ने उनसे पूछा कि इस ड्रॉप के समय में क्या कर रहे थे तो उन्होंने कहा कि कुछ नहीं कर रहे थे एक युवा जो गलत काम कर सकता है वो सब कर रहे थे। यही कारण है कि उसके विस्तार में मैं जाना नहीं चाहता हूं।

लेकिन बात थी जो पढ़ाई के क्षेत्र में जाने और आने का क्रम जारी रहा था। बाद के दिनों में पब्लिक हेल्थ के क्षेत्र से जुड़कर मैं काम करने लगा। यूएन में भी काम मिल गया। बिहार में 2 साल तक यूएन के लिए काम किया। बिहार में मैंने अच्छा काम किया तो कंट्री ऑफिस से कहा गया कि अब यहां आकर काम करो। कुछ दिनों बाद यूएस चले गए, यूएस में मुझे अधिक मजा नहीं आया।

बताते चलें कि प्रशांत किशोर ने साल 2011 में भारत के चार सूबों में कुपोषण के हालात पर एक पेपर लिखा था। जिसके बाद उन्हें नरेंद्र मोदी के ऑफिस से फोन आ गया और साल 2012 में वो उनके साथ मिलकर काम करने लगे।

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