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विजय हजारे ट्राफी: दिल्ली और गुजरात में रोमांचक फाइनल की उम्मीद

लगातार अच्छा प्रदर्शन करने से आत्मविश्वास से भरी दिल्ली की टीम सोमवार को यहां विजय हजारे ट्राफी एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में गुजरात से भिड़ेगी जिसके खिलाड़ियों ने अब तक अपने जज्बे का शानदार नमूना पेश किया है..

Author बंगलुरु | Published on: December 27, 2015 11:33 PM
भारतीय बल्लेबाज उन्मुक्त चंद। (फाइल फोटो)

लगातार अच्छा प्रदर्शन करने से आत्मविश्वास से भरी दिल्ली की टीम सोमवार को यहां विजय हजारे ट्राफी एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में गुजरात से भिड़ेगी जिसके खिलाड़ियों ने अब तक अपने जज्बे का शानदार नमूना पेश किया है। दिल्ली की निगाह दूसरी बार विजय हजारे ट्राफी जीतने पर लगी है। इससे पहले उसने 2012-13 में खिताब जीता था और इस बार उसका दारोमदार गेंदबाजों पर टिका है लेकिन गुजरात की तरफ से आलराउंडर अक्षर पटेल ने टीम को खिताबी मुकाबले तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। फाइनल में वे फिर से अच्छा प्रदर्शन करके अपने आलोचकों को करारा जवाब देने की कोशिश करेंगे।

दिल्ली के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन अच्छे फार्म में नहीं चल रहे हैं। वे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल की सीरीज और फिर इस टूर्नामेंट में रन बनाने के लिए जूझते रहे। बाएं हाथ का यह बल्लेबाज हालांकि आस्ट्रेलिया दौर से पहले फार्म में वापसी करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगा। दिल्ली के बल्लेबाजों को विशेषकर अक्षर के सामने सतर्कता बरतनी होगी जिन्होंने इस सत्र में अब तक 19 विकेट लिए हैं।

कप्तान गौतम गंभीर अभी तक अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन से खुश होंगे। ईशांत शर्मा और पवन नेगी की अगुआई में दिल्ली के गेंदबाजों ने प्रभावी प्रदर्शन किया लेकिन उसके बल्लेबाज अब तक अपेक्षित प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। वैसे सेमीफाइनल में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ उन्मुक्त चंद की नाबाद 80 रन की पारी से फाइनल में उसके अन्य बल्लेबाज भी प्रेरणा लेना चाहेंगे।

दिल्ली की टीम को अगर पार्थिव पटेल की अगुवाई वाले गुजरात को खिताब जीतने से रोकना है तो धवन, गंभीर, उन्मुक्त और इशांत को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। गंभीर की अगुआई वाली टीम ने इसी स्थान पर क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मैच खेले थे और फाइनल में उसे इसका फायदा मिलेगा। गुजरात ने अपने पिछले मैच अलूर में खेले थे जिसका विकेट बल्लेबाजी के लिए अनुकूल माना जाता है।

गुजरात के बल्लेबाजों के लिए यहां के विकेट से सामंजस्य बिठाना मुश्किल होगा क्योंकि यहां कुछ गेंद नीची रह रही है जबकि कुछ गेंदें अचानक उछाल ले लेती हैं। इससे यहां बल्लेबाजी करना आसान नहीं रहा है। ईशांत ने भले ही टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया हो लेकिन वे अनुभवी हैं और किसी भी समय विरोधी टीम के लिए खतरा बन सकते हैं। उनके अलावा सुबोध भाटी और पवन नेगी ने भी अच्छी गेंदबाजी की है।

जहां तक गुजरात का सवाल है तो उसके पास कोई बड़ा नाम नहीं है लेकिन अक्षर उसके लिए इस सत्र में असली नायक रहा है। अक्षर ने न सिर्फ विकेट लिए बल्कि उन्होंने अच्छे फिनिशर की भूमिका भी बखूबी निभाई है। उन्होंने अब तक 233 रन बनाए हैं और गुजरात की तरफ से सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं। अक्षर ने तमिलनाडु के खिलाफ सेमीफाइनल में 43 रन देकर छह विकेट लेकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जिससे गुजरात ने यह मैच 31 रन से जीता।

रुजुल भट ने अभी तक बल्लेबाजी में गुजरात की तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया है। उनके नाम पर 275 रन दर्ज हैं जबकि पार्थिव ने भी कुछ मौकों पर अच्छी पारियां खेली हैं। प्रियांक पांचाल ने भी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई है। उनके अलावा चिराग गांधी और मनप्रीत जुनेजा भी बड़ी पारियां खेलने में सक्षम हैं। पार्थिव को उम्मीद रहेगी कि जसप्रीत बमराह और रस कलारिया अपनी अच्छी गेंदबाजी जारी रखेंगे। इन दोनों ने अब तक मिलकर 24 विकेट लिए हैं।

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