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इस बीमारी की वजह से बढ़ रहा कद और वजन, 16 साल के लड़के की लंबाई सात फुट चार इंच

पिता के मुताबिक, "हमें बेटे के लिए सरोजिनी नगर से 4 एक्सएल साइज वाले कपड़े मंगाने पड़त थे। हमें उसके बेड का साइज को भी बढ़ाकर सात फुट करना पड़ा। जूते के आकार की वजह से वॉशरूम में भी उसे दिक्कत होती थी, जिसके बाद मेरठ स्थित फैक्ट्री में उसकी नाप के जूते डिजाइन कराने पड़े।"

नारंगी कमीज में 16 वर्षीय मोहन सिंह। (फोटोः सोशल मीडिया)

उत्तराखंड के मोहन सिंह का कद और वजन दिमाग में दुर्लभ किस्म के ट्यूमर की वजह से बढ़ रहा है। 12वीं कक्षा का यह छात्र महज 16 साल का है, पर इस उम्र में उसकी लंबाई सात फुट चार इंच हो गई है, जबकि वजन लगभग 113 किलोग्राम के आस-पास है। हाल ही में उन्होंने इस ट्यूमर को निकलवाने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सर्जरी भी कराई। ऑपरेशन के बाद उनका वजन कम होने की उम्मीद लगाई जा रही थी।

इतनी कम उम्र के हिसाब से अधिक कद-काठी की वजह से पिछले पांच सालों में वह जहां भी गए, आकर्षण का केंद्र बने। उनके पिता महादेव सिंह के हवाले से रिपोर्ट्स में कहा गया, “शुरुआत में हम खुश थे कि बेटे की लंबाई बढ़ रही है, पर बाद में समझ आया कि यह जो कुछ भी हो रहा है, वह ठीक नहीं है।”

उनके मुताबिक, “हमें बेटे के लिए सरोजिनी नगर से 4 एक्सएल साइज वाले कपड़े मंगाने पड़त थे। हमें उसके बेड का साइज को भी बढ़ाकर सात फुट करना पड़ा। जूते के आकार की वजह से वॉशरूम में भी उसे दिक्कत होती थी, जिसके बाद मेरठ स्थित फैक्ट्री में उसकी नाप के जूते डिजाइन कराने पड़े।”

पिता ने बताया कि वह बेटे को लेकर जब मेरठ पहुंचे थे, तो लोगों ने सेल्फी और फोटो लेने के लिए उन दोनों को घेर लिया था। बकौल सिंह, “लगभग पांच महीनों से बेटा सिरदर्द होने की शिकायत करता है। हम उसे पास के डॉक्टर के पास ले गए, जिसने एमआरआई स्कैन कराने के लिए कहा। जांच में पता चला कि उसे दिमाग में ट्यूमर है। डॉक्टरों ने जरूरी इलाज के लिए हमें एम्स रेफर किया।”

एम्स में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ.पी शरत चंद्र ने बताया, “मोहन के एमआरआई के मुताबिक, उसके दिमाग में बड़ा सा ट्यूमर था। हमने नाक के जरिए उसकी एंडोस्कोपिक सर्जरी की। ट्यूमर निकाले जाने के बाद हॉर्मोन्स सामान्य स्थिति में आए। सॉफ्ट टिश्यू और वजह तो कुछ समय में कम हो जाएगा, पर लंबाई उतनी ही रहेगी।”

लड़के की ढाई घंटे चली सर्जरी के बारे में बताने के बाद डॉ.चंद्र ने कहा- यह गैर-जेनेटिक स्वास्थ्य संबंधी मसला है और बेहद असामान्य है। यह हॉमोर्न का विकास होने से पहले ही हुआ है। अगर किसी व्यक्ति की पिचुअरी ग्लैंड (पीयूष ग्रंथि) में ग्रोथ हॉर्मोन सिक्रेटिंग (जीएचएस) ट्यूमर होता है, तब उसकी लंबाई बढ़ने लगती है।

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