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अमेरिका ने भारत को सौंपी 271 ‘अवैध प्रवासियों’ की लिस्ट, मोदी सरकार ने कहा हम नहीं मानते इस लिस्ट को

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरूवार को बताया कि अभी तक अमेरिका द्वारा सिर्फ नाम दिये गए हैं लेकिन कोई भी लीगल कागजात मुहैया नहीं कराए गए हैं, जिसके आधार पर इन लोगों को वापस भारत बुलाया जा सके।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

अमेरिका ने भारत को 271 ऐसो लोगों की लिस्ट सौंपी है जो वहां पर अवैध रूप से रह रहे हैं। भारत ने अमेरिका की इस लिस्ट को मानने से इनकार करते हुए कहा है कि जब तक उन्हें असंवैधानिक तरीकों से रह रहे भारतीयों की पूरी जानकारी नहीं दी जाएगी तब तक किसो को भी जबरदस्ती वापस नहीं भेजा सकता है। सुषमा स्वराज ने गुरूवार को बताया कि अभी तक अमेरिका द्वारा सिर्फ नाम दिये गए हैं लेकिन कोई भी लीगल कागजात मुहैया नहीं कराए गए हैं जिसके आधार पर इन लोगों को वापस भारत बुलाया जा सके।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बताया कि डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद भी अमेरिका के साथ विदेश नीति में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। दरअसल बहुत से सांसदों ने ये सवाल उठाया था कि ट्रंप के प्रेसीडेंट बनने के बाद से ही अमेरिका में रह रहे भारतीयों के रोजगार पर असर पड़ सकता है।

विदेश मंत्री ने ये भी बताया कि जो भी स्किल्ड वर्कर्स अमेरिका में काम कर रहे हैं उनके ऊपर किसी भी तरह का खतरा नहीं है। सुषमा स्वाराज ने बताया कि H1B और LI विसा को लेकर 4 बार वहां की संसद में ट्रंप सरकार ने बिल पेश किया लेकिन हर बार उस बिल को फेल कर दिया गया। विदेश मंत्री की मानें तो भारत सरकार और विदेश मंत्रालय हरसंभव कोशिश में लगा हुआ है कि अमेरिका में रह रहे एक भी भारतीय के हितों को नुकसान ना पहुंचे।

आपको बता दें कि जब से डोनल्ड ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति की कुर्सी संभाली है तभी से वो मुसलमानों को अपने देश से निकालने की मुखालफत कर रहे हैं। ट्रंप की इस एंटी मुस्लिम विचारधारा से भारत के 25 करोड़ मुसलमानों के प्रभावित होने का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में ये सवाल अहम हो जाता है कि क्या वहां रह रहे प्रत्येक भारतीय के हित सुरक्षित रह सकते हैं।

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