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वसुंधरा सरकार पर बरसे घनश्याम तिवाड़ी

राजस्थान भाजपा के दिग्गज विधायक पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी ने अपनी ही सरकार की कार्यशैली को फिर निशाने पर लिया है।
Author जयपुर | July 8, 2016 02:19 am
राजस्थान भाजपा के दिग्गज विधायक पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी

राजस्थान भाजपा के दिग्गज विधायक पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी ने अपनी ही सरकार की कार्यशैली को फिर निशाने पर लिया है। उनका कहना है कि प्रदेश में मंत्रियों की नहीं चलती है। रिटायर अफसरों की सुपर कैबिनेट बन गई है। इससे सरकार का सुशासन का दावा और वादा पूरी तरह से खोखला हो गया है।

प्रदेश में इस बार भाजपा की सरकार के गठन के बाद से ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की कार्यशैली का विरोध करने वाले वरिष्ठ विधायक तिवाड़ी पार्टी में अलग-थलग कर दिए गए हैं। आरएसएस के जरिये भाजपा के बनने के दौरान से ही तिवाड़ी पार्टी के निष्ठावान नेताओं में गिने जाते रहे हैं। इस बार वसुंधरा सरकार के साथ ही प्रदेश भाजपा में उन्हें पूरी तरह से अलग-थलग कर दिया गया है। अपनी अनदेखी से खफा तिवाड़ी अब खुल कर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल मैदान में आ गए हैं। उन्होंने दीनदयाल वाहिनी बना कर अपनी ही सरकार को आईना दिखाने की मुहिम छेड़ रखी है।

वाहिनी के यहां हुए प्रदेश पदाधिकारियों के सम्मेलन में तिवाड़ी वसुंधरा सरकार की कार्यशैली के प्रति तगडेÞ हमलावर तरीके से सामने आए हैं। इस सम्मेलन में तिवाड़ी ने अपने भाषण में सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन नाम की कोई चीज नहीं है। उनका आरोप था कि जब सरकार में मंत्री-विधायक एक नेता की इच्छा से बने तो फिर सुशासन की बात खत्म हो जाती है।

तिवाड़ी ने कहा कि सरकार में रिटायर अफसर परामर्शदाता बने हुए हैं। ये सुपर कैबिनेट की तरह काम कर रहे हैं। सरकार में कैबिनेट का दखल खत्म हो गया है। मंत्रियों की चलती नहीं है। इससे जनता परेशान है। मंत्रियों की सुपर कैबिनेट तक पहुंच नहीं है। यह मंत्रियों का अपमान है। कमजोर शासन से लोकतंत्र जूझ रहा है। बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ गई हैं तो गांवों में स्कूलें बंद हो रहे हैं। घाटे के नाम पर रोडवेज को बंद करने की तैयारी की जा रही है। सरकारी अस्पतालों को पीपीपी मोड पर दिया जा रहा है। बाडमेर में लगने वाली रिफाइनरी की योजना को बंद सा कर दिया गया है। भूमि कब्जाने का कानून लाया जा रहा है। प्रदेश में भ्रष्टाचार संस्थागत हो गया है। मंदिर टूट रहे हैं और कहीं भी गोरक्षा की बात नहीं हो रही है। पार्टी में कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जा रही है, इससे विचारधार तक अब नहीं बची है।

इससे पहले तिवाड़ी और उनके समर्थकों ने सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। इस आयोजन में ज्यादातर पुराने संघी लोगों का जमावड़ा रहा। तिवाड़ी के बेटे अखिलेश तिवाड़ी ने पूरे आयोजन की जिम्मेदारी संभाले रखी। उन्होंने भी प्रदेश भाजपा की नीतियों पर करारे हमले किए। उनका कहना था कि तिकड़म के सहारे प्रदेश में पद हथियाए जा रहे हैं। उनके पिताजी के अलावा भाजपा का कोई भी नेता गलत कामों का विरोध सिर्फ इसलिए नहीं कर रहा है कि उसे अपने राजनीतिक करियर खराब होने की चिंता है।

प्रदेश में संगठन और सत्ता के नेतृत्व से ज्यादातर भाजपाई परेशान है, पर खुल कर सामने कोई नहीं आ रहा है। इस आयोजन पर प्रदेश भाजपा के साथ ही सरकारी तंत्र ने पूरी निगाह लगा रखी थी। इसमें दिए गए भाषणों को लेकर प्रदेश भाजपा में खासी हलचल मची हुई है।

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