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चिदंबरम के बेटे ने वापस मांगे सुप्रीम कोर्ट के पास जमा 10 करोड़ रुपये, अदालत बोली- अपने संसदीय क्षेत्र पर ध्यान दें

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई एवं न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की अवकाश पीठ ने कार्ति की याचिका खारिज की और कहा, ‘‘अपने निर्वाचन क्षेत्र पर ध्यान दें।’’

पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति। फोटो: इंडियन एक्सप्रेस

उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की तरफ से विदेश यात्रा के लिए अदालत की रजिस्ट्री में जमा कराए गए 10 करोड़ रुपये लौटाने के संबंध में दायर याचिका को बुधवार को खारिज कर दिया। कार्ति चिदंबरम सीबीआई एवं ईडी द्वारा जांच किए जा रहे आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई एवं न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की अवकाश पीठ ने कार्ति की याचिका खारिज की और कहा, ‘‘अपने निर्वाचन क्षेत्र पर ध्यान दें।’’ पीठ कार्ति की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में जमा कराए गए 10 करोड़ रुपये लौटाने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने यह राशि कर्ज पर ली है और वह इस पर ब्याज चुका रहे हैं।

इससे पहले कोर्ट ने उनकी याचिका पर भी सुनवाई से मना कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि उनकी इस याचिका पर सुनवाई पर ‘तत्काल’ सुनवाई की कोई जरूरत नहीं।

बता दें कार्ति ने तमिलनाडु की शिवगंगा सीट से जीत हासिल की है। उन्होंने बीजेपी के दिग्गज नेता एच राजा को मात दी। शिवगंगा से पूर्व केंद्रीय मंत्री और कार्ति के पिता पी. चिदंबरम 1984 से 2009 के बीच सांसद रह चुके हैं। चुनाव में कार्ति को 5,60,000 तो वहीं बीजेपी उम्मीदवार को 233860 हासिल हुए हैं।

मालूम हो कि कार्ति और उनके पिता पर 3500 करोड़ रुपए के एयरसेल-मैक्सिस डील और 305 करोड़ रुपए के आईएनएक्स मीडिया मामले पर भी सुनवाई चल रही है। जांच एजेंसियों (ईडी और सीबीआई) का कहना है कि कार्ति जांच में सहयोग नहीं कर रहे। ऐसे में उनकी विदेश यात्राओं पर रोक लगाई जानी चाहिए। एजंसियों ने कहा कि वह बीते 6 महीनों में 51 दिन विदेश में ही रहे हैं।

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